
यूनिक समय, मथुरा। धार्मिक नगरी वृंदावन में पिछले एक सप्ताह से रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने आम जनता से लेकर आश्रम और होटल संचालकों तक की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का असर अब सीधे तौर पर ब्रजवासियों की रसोई तक पहुंच गया है। सात मार्च से व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है, जिसके कारण नगर के प्रमुख आश्रमों और रेस्टोरेंट में अब भोजन पकाने के लिए लकड़ी, कोयला और गोबर के उपलों का सहारा लिया जा रहा है।
बुकिंग के बाद भी लंबा इंतजार
वृंदावन की विभिन्न गैस एजेंसियों पर इन दिनों उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है क्योंकि घरेलू गैस सिलिंडर बुक करने के सात से दस दिन बीत जाने के बाद भी लोगों के घरों तक डिलीवरी नहीं पहुंच पा रही है। वनखंडी और गौरानगर जैसे क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद एजेंसियां स्टॉक की कमी का हवाला देकर उन्हें खाली हाथ वापस भेज रही हैं। इसके साथ ही, हाल ही में सिलिंडर की कीमतों में हुई 60 रुपये की वृद्धि ने आम जनता में यह डर पैदा कर दिया है कि भविष्य में कीमतें और भी बढ़ सकती हैं, जिसके कारण लोग जल्द से जल्द एडवांस बुकिंग सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
आश्रमों और रेस्टोरेंट पर दोहरी मार
वृंदावन की प्रसिद्ध भंडारा परंपरा पर व्यावसायिक गैस की आपूर्ति रुकने से संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे स्थानीय आश्रम और रेस्टोरेंट संचालक दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। ईंधन की इस भारी किल्लत को देखते हुए रेस्टोरेंट संचालकों और आश्रमों के महंतों ने गैस की बचत शुरू कर दी है और श्रद्धालुओं के लिए भोजन की निरंतरता बनाए रखने के लिए अब लकड़ी, कोयले और गोबर के उपलों जैसे पारंपरिक विकल्पों की व्यवस्था की जा रही है। इसी बीच, वृंदावन गैस एजेंसी के प्रबंधक केसी जैन ने जानकारी दी है कि उच्च स्तर से घरेलू सिलिंडर की बुकिंग के नियमों में भी बदलाव कर दिया गया है, जिसके तहत अब उपभोक्ता एक सिलिंडर प्राप्त करने के कम से कम 25 दिन बाद ही अगला ऑर्डर बुक कर सकेंगे।
पश्चिम एशिया के युद्ध का ‘साइड इफेक्ट’
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न संकट के कारण कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसी वजह से देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ मथुरा-वृंदावन में भी एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत और कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
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