
यूनिक समय, मथुरा। जनपद में पिछले दिनों हुए स्कूल बस हादसे से भी प्रशासन और स्कूल प्रबंधन कोई सबक लेते नहीं दिख रहे हैं। गुरुवार को एक बार फिर लापरवाही की इंतहा सामने आई जब सरस्वती शिशु मंदिर की एक स्कूल बस छुट्टी के बाद बच्चों को रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में छोड़ने जा रही थी। चश्मदीदों के अनुसार बस चलाते समय स्कूल बस चालक का पूरा ध्यान सड़क के बजाय अपने मोबाइल फोन पर बातचीत करने में था। इसी बीच अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार बस सीधे रास्ते के किनारे स्थित एक हाई-वोल्टेज विद्युत पोल से जा टकराई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे बच्चों में चीख-पुकार मच गई। यह ईश्वर की विशेष कृपा रही कि जोरदार टक्कर के बावजूद बिजली का खंभा नहीं टूटा। यदि पोल गिर जाता या उसमें बिजली का करंट बस में उतर आता, तो परिणाम अत्यंत भयावह और हृदयविदारक हो सकते थे क्योंकि उस वक्त पोल में बिजली का प्रवाह चालू था। इस आकस्मिक हादसे में एक मासूम बच्चे को मामूली चोटें आई हैं, जबकि बस में सवार अन्य सभी बच्चे बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के बाद बच्चों को दूसरी गाड़ी का प्रबंध कर उनके घरों तक पहुंचाया गया।
इस गंभीर लापरवाही की सूचना मिलते ही ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जन जागरूकता समिति के संस्थापक अध्यक्ष विनोद दीक्षित ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने तत्काल जिले के उच्चाधिकारियों से संपर्क कर जनपद में लगातार हो रही स्कूली वाहन दुर्घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि जिला प्रशासन की ढिलाई के कारण ही चालक नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
विनोद दीक्षित ने मांग की है कि ऐसे गैर-जिम्मेदार स्कूल बस चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जाए जो मासूमों की जान जोखिम में डालते हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही स्कूल बसों की सुरक्षा मानकों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की, तो वह पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सीधे प्रदेश शासन को भेजेंगे। समिति ने जिलाधिकारी से तत्काल सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाने की भी अपील की है ताकि भविष्य में ऐसी किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
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