
यूनिक समय, नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे ‘दलित विरोधी’ करार दिया है। शनिवार को जारी एक बयान में मायावती ने राहुल गांधी के हालिया बयानों और कांग्रेस की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का सम्मान नहीं कर सकी, वह मान्यवर कांशीराम की हितैषी होने का ढोंग कैसे कर सकती है?
भारत रत्न और बाबा साहेब का अपमान
मायावती ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने दशकों तक केंद्र की सत्ता में रहने के बावजूद बाबा साहेब अम्बेडकर को ‘भारत रत्न’ से सम्मानित नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब कांग्रेस ने दलितों के मसीहा बाबा साहेब का सम्मान नहीं किया, तो अब वह मान्यवर कांशीराम जी को भारत रत्न देने की बात कैसे कर सकती है? यह केवल वोट बैंक की राजनीति है।”
राष्ट्रीय शोक और सपा-कांग्रेस का ‘गठबंधन’
बसपा सुप्रीमो ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि जब मान्यवर कांशीराम जी का देहांत हुआ था, तब केंद्र में कांग्रेस की सत्ता थी, लेकिन उन्होंने एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया। साथ ही, उन्होंने तत्कालीन सपा सरकार को भी आड़े हाथों लिया जिसने राजकीय शोक तक घोषित नहीं किया था। मायावती के अनुसार, आज यही पार्टियाँ दलितों का हमदर्द बनने का नाटक कर रही हैं।
BSP को कमजोर करने की साजिश
मायावती ने दलित समाज और कांशीराम जी के अनुयायियों को आगाह किया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल किस्म-किस्म के हथकंडे अपनाकर बसपा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस की दलित विरोधी सोच की वजह से ही बसपा का जन्म हुआ। इनके समर्थकों को खासकर कांग्रेस से सजग रहने की जरूरत है।”
कल देशभर में मनेगी कांशीराम जयंती
मायावती ने देश और प्रदेश के सभी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि कल, 15 मार्च 2026 को मान्यवर कांशीराम जी की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों को भव्य रूप से सफल बनाएं। उन्होंने इसे बसपा की एकजुटता प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर बताया।
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