
यूनिक समय, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बेखौफ बदमाशों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। मंगलवार सुबह थाना चिलुआताल क्षेत्र के बरगदवा में पूर्व पार्षद राजकुमार सिंह (चौहान) की चार अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर और चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और विपक्षी दलों ने सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वारदात का खौफनाक मंजर
गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र में हुई यह वारदात अत्यंत खौफनाक थी, जहाँ पूर्व पार्षद राजकुमार सिंह अपनी जान बचाने के लिए हमलावरों से करीब 100 मीटर तक संघर्ष करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घात लगाकर बैठे चार हमलावरों ने पहले उनके सिर में गोली मारी और फिर सीने पर चाकू से कई वार किए, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े।
अपनी अंतिम सांसों तक संघर्ष करते हुए राजकुमार भागने की कोशिश करते रहे, लेकिन बेखौफ बदमाशों ने पीछा कर उन पर दोबारा घातक हमला कर दिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हमलावर वारदात के बाद तुरंत फरार नहीं हुए, बल्कि मौके पर ही तब तक बैठे रहे जब तक उन्हें पार्षद की मृत्यु का पूर्ण विश्वास नहीं हो गया, जिसके बाद वे पैदल ही अपनी गाड़ी तक जाकर वहां से निकल गए।
अखिलेश यादव का तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में हुई इस सनसनीखेज हत्या के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को ही गोली मार दी गई है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा द्वारा ‘भूमिगत’ तरीके से पाले गए ‘आस्तीनी अपराधी’ ही अब उनकी सरकार का एनकाउंटर कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के मुख्य नगर में दिनदहाड़े हुआ यह हत्याकांड साफ तौर पर अपराधियों को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण की ओर इशारा करता है।
पुलिस की कार्रवाई और दहशत
मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र में हुई इस वारदात ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हालांकि पुलिस ने दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन जिस तरह से बदमाशों ने दिनदहाड़े और रुककर वारदात को अंजाम दिया, उसने पुलिस के इकबाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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