Breaking News: उत्तराखंड को मिले 5 नए चेहरे; खजान दास और मदन कौशिक समेत दिग्गज विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ

Veteran MLAs, including Khajan Das and Madan Kaushik, took the oath as ministers

यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तराखंड की राजनीति में शुक्रवार का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपनी कैबिनेट का विस्तार कर दिया है। देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित एक भव्य गरिमामयी समारोह में पांच नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को शपथ ग्रहण कराई।

कैबिनेट में शामिल हुए ये 5 ‘रत्न’

धामी मंत्रिमंडल के इस विस्तार में क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने की स्पष्ट कोशिश की गई है, जिसमें अनुभवी और अपने क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखने वाले पांच विधायकों को शामिल किया गया है।

इन नए मंत्रियों में देहरादून से दलित राजनीति का बड़ा चेहरा खजान दास, हरिद्वार से पूर्व कैबिनेट मंत्री और संगठन का गहरा अनुभव रखने वाले मदन कौशिक, और रुड़की से लगातार जीत दर्ज करने वाले प्रदीप बत्रा शामिल हैं। साथ ही, पहाड़ की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले रुद्रप्रयाग के विधायक भरत चौधरी और कुमाऊं क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले नैनीताल के विधायक राम सिंह कैड़ा ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर सरकार की नई टीम को मजबूती प्रदान की है।

मुख्यमंत्री धामी का विजन

शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी नए मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि ये सभी नेता लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों में जनता की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के साथ मिलकर राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन को धरातल पर उतारने और उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में सफल होगी।

उत्तराखंड के संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, राज्य कैबिनेट में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 12 हो सकती है, जिसकी शुरुआत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 2022 में 8 मंत्रियों के साथ की थी।

संवैधानिक गणित और खाली पदों की पूर्ति

बीते समय में मंत्री चंदन रामदास के दुखद निधन और प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद मंत्रिमंडल की सदस्य संख्या घटकर मात्र 7 रह गई थी, जिसे आज 5 नए मंत्रियों के शामिल होने के साथ ही पूरी क्षमता यानी 12 मंत्रियों तक पहुंचा दिया गया है। इस विस्तार को आगामी चुनावों और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री इन नए चेहरों को कौन-कौन से अहम विभागों की जिम्मेदारी सौंपते हैं।

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