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यूपी बोर्ड मूल्यांकन 2026: मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों को DIOS ने थमाया नोटिस, होगी कठोर कार्रवाई

by Tarun Bhardwaj • March 25, 2026
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यूनिक समय, मथुरा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने अब ‘आर-पार’ की जंग छेड़ दी है। जनपद में मूल्यांकन केंद्रों से लगातार मिल रही अनुपस्थिति की शिकायतों के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने सख्त रुख अपनाते हुए सैंकड़ों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कामचोर शिक्षकों पर सीधे विभागीय गाज गिरेगी।

मूल्यांकन केंद्रों पर सन्नाटा

जनपद में 18 मार्च से शुरू हुआ मूल्यांकन कार्य आगामी 1 अप्रैल तक संपन्न किया जाना है। इसके लिए शहर के दो प्रमुख केंद्रों—वीडीपी राजकीय इंटर कॉलेज (हाईस्कूल) और किशोरी रमण इंटर कॉलेज (इंटरमीडिएट)—को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, उप नियंत्रकों की रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्त किए गए कई परीक्षक अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुँच रहे हैं। विज्ञान, गणित और कंप्यूटर जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों की अनुपस्थिति के कारण कॉपियों के बंडल जस के तस रखे हुए हैं, जिससे रिजल्ट घोषित करने की समय-सीमा पर खतरा मंडराने लगा है।

DIOS का कड़ा रुख

जिला विद्यालय निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद के सभी माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जिन शिक्षकों की ड्यूटी परीक्षक के रूप में लगी है, उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर मूल्यांकन केंद्रों पर भेजा जाए। 23 मार्च को चेतावनी देने के बावजूद स्थिति में सुधार न होने पर अब अनुपस्थित शिक्षकों की सूची तैयार कर उन्हें व्यक्तिगत नोटिस थमाए गए हैं। डीआईओएस ने चेताया है कि यह केवल एक प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील मामला है।

होगी जेल और जुर्माना

शिक्षा विभाग ने इस बार लापरवाही को केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि ‘कर्तव्य की गंभीर उपेक्षा’ माना है। डीआईओएस ने घोषणा की है कि जो शिक्षक बार-बार निर्देश देने के बाद भी उपस्थित नहीं होंगे, उनके विरुद्ध ‘उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कानून के तहत सार्वजनिक परीक्षा के कार्यों में बाधा डालना या लापरवाही करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। विभाग के इस सख्त कदम से शिक्षक खेमे में हड़कंप मच गया है और अब केंद्रों पर उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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