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India: वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार का बड़ा फैसला; अमोनियम नाइट्रेट सहित 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क किया ‘शून्य’

by Tarun Bhardwaj • April 2, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली।  मध्य पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में पैदा हुए व्यवधानों के बीच भारत सरकार ने घरेलू उद्योगों को बड़ी संजीवनी दी है। केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए अमोनियम नाइट्रेट और 40 से अधिक प्रमुख पेट्रोकेमिकल कच्चे माल पर लगने वाले आयात शुल्क (Import Duty) को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया है। सरकार का यह राहत पैकेज 2 अप्रैल से 30 जून, 2026 तक प्रभावी रहेगा।

उर्वरक क्षेत्र के लिए ‘मास्टरस्ट्रोक’

केंद्र सरकार का यह फैसला उर्वरक (Fertilizer) कंपनियों के लिए एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ साबित होगा, क्योंकि खाद उत्पादन के अनिवार्य घटक अमोनियम नाइट्रेट पर से आयात शुल्क और ‘कृषि ढांचा एवं विकास उपकर’ (AIDC) हटने से उत्पादन लागत में भारी गिरावट आएगी; इसके साथ ही, वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के बावजूद इस कदम से घरेलू बाजार में खाद की कीमतें स्थिर बनी रहेंगी, जिसका सीधा और सकारात्मक लाभ देश के किसानों को मिलेगा।

इन प्रमुख रसायनों पर मिली छूट

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, उन बुनियादी औद्योगिक रसायनों पर आयात शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया है जिनका उपयोग लगभग हर छोटे-बड़े उद्योग में होता है; इसमें दवाओं और कोटिंग्स में प्रयुक्त होने वाले मेथनॉल, फिनॉल व एसीटिक अम्ल, पाइप व पैकेजिंग के लिए अनिवार्य पीवीसी और पॉलीप्रोपाइलीन, तथा विस्फोटक व रंजक (Dyes) निर्माण में सहायक टोल्युइन और अमोनिया जैसे महत्वपूर्ण रसायन शामिल हैं। यह छूट न केवल औद्योगिक उत्पादन की लागत को कम करेगी, बल्कि वैश्विक संकट के समय में रसायनों की निर्बाध आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगी।

हर सेक्टर को मिलेगी मजबूती

आयात शुल्क शून्य होने का प्रभाव केवल कृषि क्षेत्र तक सीमित न रहकर देश के कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा, जिसमें वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में गाड़ियों के प्लास्टिक पुर्जे व उपकरणों की निर्माण लागत में कमी आएगी, वहीं दवा उद्योग (Pharma) में जीवन रक्षक दवाइयों का उत्पादन सस्ता होने की संभावना है। साथ ही, उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग सामग्री पर छूट मिलने से रक्षा और अंतरिक्ष मिशनों (जैसे हालिया आर्टेमिस-2) के पुर्जों के निर्माण में सुविधा होगी और निर्माण क्षेत्र की कंपनियों को पीवीसी पाइप, पेंट व इंसुलेशन सामग्री बनाने के लिए आवश्यक कच्चे माल पर बड़ी राहत मिलेगी।

महंगाई पर लगाम लगाने की कोशिश

सरकार का मानना है कि यह कदम “जनहित” में उठाया गया है। आपूर्ति संकट के कारण उद्योगों पर बढ़ रहे दबाव को कम करके सरकार बाजार में उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहती है। कच्चा माल सस्ता होने से अंततः उपभोक्ताओं को मिलने वाले तैयार माल की कीमतों में कमी आएगी, जो महंगाई को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होगा।

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