यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच बीते एक साल से जारी कूटनीतिक तनाव के बाद अब रिश्तों में सुधार की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बांग्लादेश में फरवरी 2026 में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद, नई बीएनपी (BNP) सरकार के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान अपने पहले तीन दिवसीय विदेश दौरे पर भारत पहुंचे हैं। बुधवार को उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जो दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग बैठक के दौरान ढाका की ओर से एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया गया। खलीलुर रहमान ने दोहराया कि शेख हसीना को बांग्लादेश में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण द्वारा मृत्युदंड दिया जा चुका है, इसलिए उन्हें सौंपा जाना चाहिए। प्रत्यर्पण संधि के तहत प्रक्रिया पर तो सहमति बनी, लेकिन भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में शेख हसीना का जिक्र तक नहीं किया। भारत ने इस मांग पर फिलहाल कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है। "बांग्लादेश फर्स्ट" और द्विपक्षीय संबंधों का नया अध्याय रहमान ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार "बांग्लादेश प्रथम" के सिद्धांत पर अपनी विदेश नीति चलाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि शेख हसीना का मुद्दा द्विपक्षीय संबंधों की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। एस जयशंकर और खलीलुर रहमान दोनों का मानना है कि अंतरिम सरकार के समय के तनाव को भुलाकर अब आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के नए रास्ते तलाशने का समय है। वीजा प्रक्रिया में ढील और क्षेत्रीय सुरक्षा भारत ने बांग्लादेश की नई सरकार के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई है। भारतीय पक्ष ने आश्वासन दिया है कि आने वाले हफ्तों में बांग्लादेशी नागरिकों के लिए, विशेषकर मेडिकल और बिजनेस वीजा की प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुगम बनाया जाएगा। रहमान ने छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पकड़ने में भारत के सहयोग के लिए आभार जताया। ऊर्जा और सुरक्षा पर चर्चा अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान खलीलुर रहमान ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से भी मुलाकात की। इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा और पाइपलाइन परियोजनाओं को सुचारू रखने पर चर्चा हुई। वहीं एनएसए अजित डोभाल के साथ हुई बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। अगस्त 2024 की हिंसा के बाद से भारत में रह रही शेख हसीना का मुद्दा भले ही संवेदनशील बना हुआ है, लेकिन दोनों देशों के नेतृत्व ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वे भविष्य की साझेदारी को वर्तमान विवादों की भेंट नहीं चढ़ने देंगे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Puducherry Vidhansabha Chunav: मतदान केंद्र पर नीला बनी आकर्षण का केंद्र; ‘साड़ी’ पहनकर किया मतदाताओं का स्वागत [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]