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UP News: नोएडा बवाल के बाद CM योगी का सख्त एक्शन; “24 घंटे में श्रमिकों से सीधे संवाद करने के दिए निर्देश”

by Tarun Bhardwaj • April 13, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। रविवार और सोमवार के घटनाक्रम पर गंभीर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश में ‘नक्सलवाद’ को पुनर्जीवित करने की किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने श्रम विभाग और सभी औद्योगिक प्राधिकरणों को अगले 24 घंटे के भीतर उद्योग प्रबंधन और श्रमिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का ‘अल्टीमेटम’ दिया है।

श्रमिकों को मिले सम्मानजनक मानदेय

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर औद्योगिक इकाई में श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। श्रमिकों को समय पर सम्मानजनक मानदेय मिले और अतिरिक्त काम (Overtime) का भुगतान नियमानुसार हो। फैक्ट्रियों में स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विश्रामगृह और स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से उपलब्ध होने चाहिए। औद्योगिक क्षेत्रों में महिला श्रमिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

“बाहरी तत्वों” पर पैनी नजर

सीएम योगी ने प्रदर्शनों में भड़काऊ और विघटनकारी तत्वों की भूमिका की ओर इशारा करते हुए खुफिया तंत्र (एलआईयू) को हाई अलर्ट पर रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वार्ता की मेज पर केवल वास्तविक श्रमिक ही बैठें। उन्होंने आशंका जताई कि कुछ लोग मृतप्राय नक्सलवाद को दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे भड़काने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गौतमबुद्धनगर (नोएडा), गाजियाबाद, कानपुर और मेरठ जैसे प्रमुख औद्योगिक जिलों के कप्तानों और प्राधिकरणों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

नोएडा में शांति बहाली की कोशिशें तेज

नोएडा में आज हुई आगजनी और पत्थरबाजी के बाद अब हालात धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहे हैं। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है और हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ आपात बैठक कर अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की है।

प्रशासन का रुख

पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्णा ने स्पष्ट किया है कि जहां एक तरफ श्रमिकों की जायज मांगों को सुना जाएगा, वहीं कानून हाथ में लेने वाले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—उत्तर प्रदेश के औद्योगिक माहौल को सुरक्षित रखना और श्रमिकों के साथ अन्याय न होने देना।

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