यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत की दिग्गज आईवियर कंपनी Lenskart इन दिनों एक बड़े विवाद के केंद्र में है। सोशल मीडिया पर कंपनी के एक 'ड्रेस कोड' डॉक्यूमेंट के वायरल होने के बाद हंगामा मच गया, जिसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया था, जबकि हिजाब की अनुमति दी गई थी। इस मुद्दे पर लोगों के बढ़ते गुस्से को देखते हुए कंपनी के फाउंडर और 'शार्क टैंक इंडिया' फेम पीयूष बंसल ने मोर्चा संभाला और सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण जारी किया है। क्या था पूरा विवाद? विवाद की शुरुआत तब हुई जब लेंसकार्ट का एक इंटरनल डॉक्यूमेंट ऑनलाइन लीक हो गया। इस डॉक्यूमेंट में ग्रूमिंग से जुड़े कुछ ऐसे निर्देश थे जिन्हें भेदभावपूर्ण माना गया।डॉक्यूमेंट में साफ लिखा था कि "बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है" और "धार्मिक धागे (कलावा) उतार देने चाहिए।" सिंदूर के लिए भी निर्देश था कि वह माथे पर फैलना नहीं चाहिए। दूसरी ओर, मुस्लिम महिलाओं को काले रंग का हिजाब पहनने की अनुमति दी गई थी, बशर्ते उससे कंपनी का लोगो न ढके। लेखिका और एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य सहित हजारों यूजर्स ने पीयूष बंसल को टैग करते हुए सवाल पूछा कि "हिजाब को मंजूरी और बिंदी पर पाबंदी क्यों?" पीयूष बंसल की सफाई विवाद गहराता देख पीयूष बंसल ने 12 घंटे के भीतर दो बार 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर स्थिति साफ की। पीयूष बंसल ने माना कि वायरल हो रहा डॉक्यूमेंट ट्रेनिंग के लिए बनाया गया एक पुराना नोट था और यह कंपनी की आधिकारिक HR पॉलिसी का हिस्सा नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि बिंदी और तिलक के बारे में जो लाइनें लिखी थीं, वे गलत थीं और उन्हें कभी लिखा ही नहीं जाना चाहिए था। उन्होंने बतौर CEO इस "चूक" की पूरी जिम्मेदारी ली। पीयूष बंसल ने बताया कि इस गलती का पता 17 फरवरी को ही चल गया था और इसे तुरंत हटा दिया गया था। उन्होंने साफ किया कि लेंसकार्ट किसी भी धार्मिक पहनावे पर रोक नहीं लगाता। IPO की तैयारी और मुनाफे में उछाल यह विवाद ऐसे समय में आया है जब लेंसकार्ट अपने IPO की तैयारी कर रही है और उसकी वैल्यूएशन करीब 5.6 बिलियन डॉलर आंकी गई है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब 70 गुना बढ़कर 1.31 बिलियन रुपये हो गया है। हाल ही में कंपनी के शेयरों की कीमत 547 रुपये तक पहुंच गई थी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: India News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया अमृत काल का सबसे महत्वपूर्ण मंथन [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]