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Banke Bihari Corridor: भू-स्वामियों के लिए बड़ा फैसला; ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर मिलेंगी दुकानें और फ्लैट

by Tarun Bhardwaj • April 22, 2026
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यूनिक समय, मथुरा। विश्व प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कॉरिडोर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली संपत्तियों के मालिकों के लिए राहत भरी खबर यह है कि अब दुकानों और फ्लैटों के आवंटन में ‘पहले आओ-पहले पाओ’ का सिद्धांत लागू किया जाएगा। जो भू-स्वामी अपनी दुकान या भवन का बैनामा (Registry) सबसे पहले ठाकुरजी के नाम करेंगे, उन्हें उनकी पसंद की दुकान और फ्लैट के आवंटन में वरीयता दी जाएगी।

हाई पावर्ड प्रबंधन समिति का ‘स्मार्ट’ फॉर्मूला

ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर हाई पावर्ड प्रबंधन समिति ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए यह निर्णय लिया है। समिति का मानना है कि इस नीति से पारदिर्शता आएगी और लोग स्वेच्छा से अपनी भूमि देने के लिए आगे आएंगे।

बांकेबिहारी कॉरिडोर में आने वाली भूमि के स्वामियों को शासन द्वारा न केवल पर्याप्त धनराशि दी जा रही है, बल्कि ‘दुकान के बदले दुकान’ और ‘मकान के बदले मकान’ की नीति के तहत सुनरख एवं रुक्मिणी विहार में आधुनिक सुविधाओं से युक्त फ्लैट दिए जा रहे हैं। मंदिर के आसपास जनसुविधाओं के विकास से ब्रज क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

4.74 एकड़ में आकार लेगा कॉरिडोर

जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह के अनुसार, पूरे कॉरिडोर का निर्माण 4.74 एकड़ में प्रस्तावित है। कॉरिडोर के लिए अब तक एक हजार वर्ग मीटर से अधिक भूमि श्रीबांकेबिहारी के नाम सफलतापूर्वक दर्ज हो चुकी है। कॉरिडोर बन जाने के बाद मंदिर के पास श्रद्धालुओं के लिए बैठने की सुरक्षित जगह, स्वच्छ पेयजल और सुगम प्रवेश-निकासी के लिए भव्य द्वार बनाए जाएंगे। इससे वृंदावन की संकरी गलियों में होने वाले भारी भीड़ के दबाव और जाम की स्थिति से मुक्ति मिलेगी।

वृंदावन में जाम से राहत की तैयारी

बांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण के साथ-साथ प्रशासन ने वर्तमान व्यवस्था में भी सुधार किया है। वृंदावन के 34 संवेदनशील पॉइंटों पर चेन और बैरिकेडिंग लगाई गई है, जिससे मंदिर मार्गों पर यातायात सुगम हुआ है। शासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक ऐसा सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है, जहाँ वे बिना किसी अव्यवस्था के बिहारी जी के दर्शन कर सकें।

समिति का यह नया ‘प्रायोरिटी’ नियम उन लोगों के लिए बेहतरीन अवसर है जो कॉरिडोर निर्माण में सहयोग कर रहे हैं और नई टाउनशिप या मार्केट में प्राइम लोकेशन पर अपनी जगह सुनिश्चित करना चाहते हैं।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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