यूनिक समय, नई दिल्ली असम की राजनीति में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार (12 मई) को लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरिनरी कॉलेज मैदान में आयोजित इस ऐतिहासिक समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश के तमाम दिग्गज राजनेता मौजूद रहे। 57 वर्षीय सरमा असम के इतिहास में लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन गए हैं। राज्यपाल ने दिलाई पांच सदस्यीय टीम को शपथ मंगलवार सुबह ठीक 11 बजकर 40 मिनट पर राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई, जिनके साथ एनडीए गठबंधन के चार अन्य प्रमुख विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार में अपनी जिम्मेदारी संभाली। इस पांच सदस्यीय टीम में भारतीय जनता पार्टी की अजंता नियोग शामिल हैं, जो पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं, वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली ने राज्य की राजनीति में दमदार वापसी करते हुए मंत्री पद की शपथ ली। इनके अलावा, सहयोगी दलों से असम गण परिषद (AGP) के कद्दावर नेता अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के प्रतिनिधि चरण बोरो को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। असम में 'महाशक्ति' का जमावड़ा शपथ ग्रहण समारोह किसी शक्ति प्रदर्शन से कम नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी, जो सोमवार रात ही गुवाहाटी पहुंच गए थे, उनकी उपस्थिति ने इस पल को और भी खास बना दिया। मंच पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया व चिराग पासवान जैसे चेहरे नजर आए। इसके अलावा, बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों का भी हुजूम उमड़ा, जिनमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के भजन लाल शर्मा, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस प्रमुख रूप से शामिल थे। हैट्रिक के साथ BJP का बढ़ता प्रभुत्व असम में एनडीए की यह लगातार तीसरी सरकार है, जिसने जीत की हैट्रिक लगाकर राज्य में भाजपा के बढ़ते प्रभुत्व को और अधिक सुदृढ़ कर दिया है। साल 2016 में सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में शुरू हुआ यह राजनीतिक सफर अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के कार्यकाल में पहले से कहीं अधिक मजबूत नजर आ रहा है। विधानसभा चुनाव 2026 की यह प्रचंड जीत स्पष्ट करती है कि पूर्वोत्तर भारत में 'कमल' की जड़ें अब बहुत गहरी हो चुकी हैं। शपथ ग्रहण समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने खुद मुख्यमंत्री सरमा एयरपोर्ट पहुंचे थे। इस समारोह में राज्य के प्रतिष्ठित सत्राधिकारों और धार्मिक गुरुओं की मौजूदगी ने इसे सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया, जबकि हजारों की संख्या में जुटे बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं के गगनभेदी जयकारों से पूरा मैदान गूंज उठा। अगला लक्ष्य शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने संकेत दिया कि सरकार का पूरा ध्यान अब 'असम मॉडल' को आगे बढ़ाने और चुनावी घोषणा पत्र के वादों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर रहेगा। असम अब विकास, शांति और स्थिरता के एक नए युग की ओर कदम बढ़ा चुका है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Tamil Nadu: मुख्यमंत्री विजय का बड़ा फैसला; धार्मिक स्थलों और स्कूलों के पास से हटेंगी 717 TASMAC शराब की दुकानें [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]