यूनिक समय, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों पर नमाज पढ़े जाने और उससे आम जनता को होने वाली परेशानियों को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और बेहद कड़ा बयान दिया है। राजधानी लखनऊ में सोमवार को एक प्रतिष्ठित मीडिया समूह के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सीएम योगी ने दोटूक शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश की सड़कों पर किसी भी कीमत पर अराजकता फैलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि सड़कें आम जनता के चलने के लिए हैं, नमाज के लिए नहीं। अगर लोग प्यार से मानेंगे तो ठीक है, नहीं तो सरकार को दूसरा तरीका भी अपनाना अच्छी तरह आता है। यूपी में कानून का राज कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री से राज्य की कानून व्यवस्था और सड़कों पर धार्मिक आयोजनों को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "लोग अक्सर मुझसे पूछते हैं कि क्या आपके यूपी में सचमुच सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती? मैंने उनसे कहा कि बिल्कुल नहीं पढ़ी जाती, आपको विश्वास न हो तो खुद जाकर देख लीजिए।" सीएम योगी ने जोर देते हुए कहा कि सड़कें बीमार व्यक्तियों, आम नागरिकों, कामगारों, कर्मचारियों और व्यापारियों के सुगम आवागमन के लिए बनाई जाती हैं। किसी भी व्यक्ति या समुदाय को यह अधिकार नहीं है कि वह सार्वजनिक मार्ग को अवरुद्ध करके दूसरों के अधिकारों का हनन करे। उन्होंने कहा कि जिसको भी पूजा-पाठ या नमाज अदा करनी है, वह अपने निर्धारित धार्मिक स्थलों या अपने घरों के भीतर जाकर करे। 'सामर्थ्य नहीं तो क्यों बढ़ा रहे जनसंख्या, शिफ्ट में करें इबादत' मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बातचीत का एक पुराना अंश साझा करते हुए कहा कि जब कुछ लोगों ने उनसे आकर कहा कि 'साहब, हमारी संख्या बहुत ज्यादा है, मस्जिदों में जगह नहीं बचती तो सड़क पर कैसे नमाज न पढ़ें?' इस पर सीएम योगी ने बेहद सख्त और बेबाक लहजे में जवाब दिया। योगी आदित्यनाथ ने कहा, "मैंने उनसे साफ कहा कि अगर संख्या ज्यादा है तो शिफ्ट में नमाज पढ़ लो। अगर तुम्हारे घर या परिसर में रहने की जगह नहीं है, तो जनसंख्या को नियंत्रित कर लो। जब आपके पास सामर्थ्य नहीं है, तो बेवजह संख्या क्यों बढ़ाए जा रहे हो? यदि समाज और सिस्टम के साथ सम्मान से रहना है, तो नियम और कानून को सर्वोपरि मानना ही होगा। उत्तर प्रदेश में सिर्फ और सिर्फ कानून का राज चलेगा।" सीएम योगी की खुली चेतावनी मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले उपद्रवियों और नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों को खुले मंच से चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का नियम राज्य के हर नागरिक पर समान रूप से लागू होता है और इसमें किसी को भी किसी तरह की विशेष छूट नहीं दी जाएगी। सीएम योगी ने बरेली की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कड़े लहजे में कहा, "हमारा पहला काम संवाद बनाना है। हम हर मसले को बातचीत से सुलझाना चाहते हैं। आप अगर संवाद से मानेंगे तो बहुत ठीक है, नहीं तो संघर्ष करके भी देख लो। बरेली में कुछ लोगों ने अपनी ताकत आजमाने की कोशिश की थी और नतीजा क्या हुआ, यह पूरी दुनिया ने देख लिया। इसलिए हम फिर साफ कर रहे हैं कि हम किसी को रोक नहीं रहे हैं, लेकिन अराजकता बर्दाश्त नहीं करेंगे। संख्या अधिक है तो पालियों (शिफ्ट) में नमाज पढ़ें, लेकिन सड़क को बाधित मत करें।" नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: बाद-बरेली हाईवे पर बढ़ते अतिक्रमण पर सांसद हेमामालिनी ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए निर्देश [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]