यूनिक समय, मथुरा। कान्हा की नगरी मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति और सनातन जागृति के पावन संदेश के साथ एक ऐतिहासिक और विशाल मोटरसाइकिल यात्रा का आयोजन होने जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के तत्वावधान में निकाली जा रही यह दो दिवसीय भव्य यात्रा बुलंदशहर के पावन रामघाट (गंगा तट) से शुरू होकर विभिन्न जनपदों से गुजरते हुए आगामी 6 जून को श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली मथुरा और वृंदावन पहुंचेगी। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश भर में सनातन धर्म, संस्कृति व सभ्यता को मजबूत करना और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाना है। 8 राज्यों के श्रद्धालु होंगे शामिल श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं न्यायालय में हिंदू पक्षकार एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने इस विशाल अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा पूज्य स्वामी श्री कांताचार्य रामानुज दास महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित की जा रही है। इस राष्ट्रव्यापी चेतना यात्रा में उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत देश के 8 से अधिक राज्यों के कृष्ण भक्त और श्रद्धालु उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। यात्रा के विशाल स्वरूप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें करीब 500 मोटरसाइकिलें, 20 कारें और कई अन्य बड़े वाहन एक साथ भगवा ध्वज लेकर शामिल रहेंगे। वर्तमान में इस यात्रा की अभूतपूर्व सफलता को लेकर बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा में युद्ध स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। अलीगढ़ में सजेगा बड़ा सम्मेलन दो दिवसीय सफर के दौरान यह यात्रा जिन मार्गों से गुजरेगी, वहां आम जनता को जागरूक करने के लिए 25 प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया जाएगा। यात्रा के पहले दिन अलीगढ़ में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम तय किया गया है, जहाँ सनातन जागृति को लेकर एक विशाल सम्मेलन का आयोजन भी प्रस्तावित है। इसके बाद अगले दिन यह यात्रा वृंदावन और मथुरा शहर के प्रमुख चौराहों व मार्गों से होती हुई गुजरेगी, जहाँ स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं द्वारा यात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया जाएगा। भव्य मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अभियान हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए दृढ़ता से कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मूल गर्भगृह स्थल पर ही मुगल शासक औरंगजेब द्वारा अवैध तरीके से ईदगाह मस्जिद का निर्माण कराया गया था। उसी वास्तविक गर्भगृह स्थान पर सनातनियों के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के भव्य मंदिर निर्माण की मांग को लेकर ही यह पूरा आंदोलन और अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 6 जून को मथुरा पहुंचने पर इस विशाल यात्रा का भव्य समापन सलेमपुर रोड स्थित केडीएस इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में एक विशाल जनसभा के साथ होगा। नारी शक्ति की रहेगी विशेष भूमिका परम पूज्य संत कांताचार्य महाराज ने कहा कि इस यात्रा का मूल उद्देश्य देश की भावी पीढ़ी में सनातन संस्कारों को जीवित रखना और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जगाना है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी गंगा तट से श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक एक पदयात्रा निकाली गई थी, जिसे अपार जनसमर्थन मिला था। इस बार हमारी टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को जन्मभूमि आंदोलन के कानूनी और ऐतिहासिक पहलुओं की जानकारी दे रही हैं, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा और बुजुर्ग इस मुहिम से सीधे जुड़ रहे हैं। वहीं, डॉ. आदित्यानंद महाराज ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह यात्रा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था और सांस्कृतिक पहचान की लड़ाई है। समाज के हर वर्ग में इसे लेकर भारी उत्साह है। इस बार की मोटरसाइकिल यात्रा की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि इसमें नारी शक्ति की विशेष और बढ़-चढ़कर भागीदारी रहेगी, क्योंकि परिवार और समाज में सनातन संस्कारों की नींव को मजबूत करने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: उत्तर मध्य रेलवे बोर्ड बैठक में उठीं मथुरा की समस्याएं; वंदे भारत और राजधानी के ठहराव की मांग [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]