यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से इस वक्त की एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। यहाँ बेतवा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का विशाल स्लैब शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से पुल के नीचे सो रहे 6 निर्माण श्रमिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों के अभी भी मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मोर्चे पर उतारा गया है। फिलहाल जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से भारी-भरकम मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। आंधी और बारिश बनी काल उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम (उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन) द्वारा बेतवा नदी की लहरों के बीच इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि देर रात मौसम में आए अचानक बदलाव, भीषण आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण निर्माणाधीन पुल का स्लैब संतुलन खोकर नीचे गिर गया, जिसके नीचे सो रहे मजदूर मलबे में दब गए। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हादसे के वक्त हमीरपुर में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रचंड रफ्तार से आंधी चल रही थी। हवा के इस भारी दबाव और बिजली कड़कने के साथ ही यह विशाल स्लैब सीधे नीचे सो रहे मजदूरों पर आ गिरा, जिससे उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। मृतकों में बांदा और हमीरपुर के श्रमिक शामिल यह हृदयविदारक हादसा हमीरपुर जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर ललपुरा थाना क्षेत्र में मवई जार और कुरारा गांव के बीच हुआ है। इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले 6 अभागे मजदूरों की शिनाख्त हो चुकी है, जिनमें से 4 श्रमिक बांदा जिले के और 2 हमीरपुर के ही रहने वाले थे। मृतकों में बांदा के लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत और हमीरपुर के पुष्पेंद्र सिंह चौहान व राजेश पाल शामिल हैं। हादसे की संवेदनशीलता और भयावहता को देखते हुए राजधानी लखनऊ से शासन के सीनियर अफसरों की एक टीम तुरंत हमीरपुर के लिए रवाना कर दी गई है। [embedpress]https://www.instagram.com/reel/DY6TdU_kaXP/?utm_source=ig_web_copy_link&igsh=MzRlODBiNWFlZA[/embedpress] अंधेरी रात में SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे के बाद अंधेरी रात और भारी बारिश के बीच मलबे में दबे लोगों की चीख-पुकार से सन्नाटा पसर गया। जिला प्रशासन और SDRF की टीमों ने फौरन मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे को बेहद सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचना है। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन के दौरान राहत दल को पुल के ऊंचे पिलर पर 3 मजदूर फंसे हुए मिले, जिन्हें SDRF के जांबाजों ने क्रेन और रस्सी की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया है। आंधी के कारण पूरे जिले में जगह-जगह पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे जमींदोज होने की वजह से शुरुआती दौर में बचाव कार्य में काफी बाधाओं का सामना करना पड़ा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Business: मुकेश अंबानी ने FY26 की वार्षिक रिपोर्ट में किए बड़े खुलासे; बोले “रिलायंस बनी पहली भारतीय कंपनी” [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]