यूनिक समय, गोवर्धन (मथुरा)। ब्रज मंडल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक गोवर्धन में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ और सुरक्षा में बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। पवित्र सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और प्रशासन के नो-एंट्री के तमाम दावे सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। क्षेत्र में नो-एंट्री नियम कड़ाई से लागू होने के दावों के बावजूद वीआईपी (VIP) और रसूखदार स्थानीय लोगों के दोपहिया व चारपहिया वाहन लगातार परिक्रमा मार्ग में अवैध रूप से प्रवेश कर रहे हैं। इसके चलते पैदल परिक्रमा करने वाले लाखों परिक्रमार्थियों और देश-विदेश के श्रद्धालुओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग की जमीनी हकीकत यह है कि नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए तेज रफ्तार वाहन श्रद्धालुओं के बीच बेखौफ दौड़ते नजर आ रहे हैं। पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को इन वाहनों के बीच से बचते-बचाते हुए गुजरना पड़ रहा है, जिससे परिक्रमा मार्ग पर हर समय किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। परिक्रमा मार्ग पर वाहनों की इस अवैध आवाजाही के कारण पूरी तरह से प्रदूषण फैल रहा है। श्रद्धालुओं को शांत और आध्यात्मिक वातावरण की जगह वाहनों के जहरीले धुएं और कानफाड़ू हॉर्न के शोर के बीच अपनी परिक्रमा पूरी करने को मजबूर होना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और मासूम बच्चों को उठानी पड़ रही है। श्रद्धालुओं का साफ कहना है कि परिक्रमा मार्ग पर वाहनों की बेरोकटोक मौजूदगी से उनकी सुरक्षा और धार्मिक सुविधा दोनों ही बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि अभी महज दो दिन पहले ही वृंदावन के नो-एंट्री क्षेत्र में वाहनों के अवैध प्रवेश की शिकायत मिलने पर मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने सख्त रुख अपनाया था। एसएसपी ने ऑन-ड्यूटी लापरवाही बरतने वाले सिपाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर कड़ा संदेश देने की कोशिश की थी। इस बड़ी कार्रवाई के बावजूद गोवर्धन क्षेत्र की पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया है और यहां स्थिति जस की तस बनी हुई है। बैरियरों पर तैनात पुलिसकर्मियों की इस निष्क्रियता और अनदेखी के चलते स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों के अनुसार, सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या निजी वाहन का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है, ताकि श्रद्धालु भयमुक्त और शांत वातावरण में गिरिराज जी की आराधना कर सकें। लेकिन जमीनी स्तर पर इन नियमों को ठेंगा दिखाया जा रहा है। परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु रामेश्वर ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि प्रशासन और सरकार विज्ञापन और बयानों में तो बेहतर व्यवस्थाओं के बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन उनका कोई भी असर धरातल पर दिखाई नहीं देता। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत और निष्क्रियता के चलते प्रभावशाली व राजनीतिक पहुंच रखने वाले लोग बिना किसी रोक-टोक के नो-एंट्री क्षेत्र में अपने वाहन लेकर घुस जाते हैं, जबकि आम जनता को नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है। जब इस पूरे मामले और अव्यवस्था को लेकर यातायात प्रभारी से बात की गई, तो उन्होंने हमेशा की तरह वही पुराना रटा-रटाया बयान दोहरा दिया। यातायात प्रभारी ने कहा कि सप्तकोसीय परिक्रमा मार्ग में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है और बैरियरों पर जांच की जाती है। उन्होंने आगे कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति नो-एंट्री के नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी चालानी और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि इस बयान के बाद धरातल पर क्या कार्रवाई होती है या श्रद्धालुओं को ऐसे ही जान जोखिम में डालकर परिक्रमा लगानी पड़ेगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: India News: राजधानी दिल्ली में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़; ISI और अंडरवर्ल्ड नेटवर्क के 9 आतंकी गिरफ्तार ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]