यूनिक समय, मथुरा। धार्मिक नगरी मथुरा और वृंदावन में आने वाले देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। ब्रजभूमि में सड़कों पर लगने वाले भारी जाम से निजात दिलाने और पर्यटन को एक नए और आधुनिक पंख लगाने के लिए यमुना नदी में जल परिवहन (वॉटर ट्रांसपोर्ट) शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा तैयार की गई इस महात्वाकांक्षी योजना पर कार्यदायी संस्था 'जल निगम' की सीएनडीएस (CNDS) शाखा द्वारा जमीनी स्तर पर कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके तहत मथुरा और वृंदावन के प्रमुख घाटों सहित कुल पांच स्थानों पर क्रूज़ स्टेशनों (Cruise Stations) का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ हो गया है। इन स्टेशनों के बनने के बाद भविष्य में यमुना नदी में क्रूज़, स्पीड बोट और वॉटर टैक्सी का संचालन हो सकेगा, जिससे श्रद्धालु जल मार्ग के जरिए ब्रज का दीदार कर सकेंगे। इन 5 प्रमुख घाटों पर बन रहे हैं क्रूज़ स्टेशन उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की योजना के तहत यमुना नदी के रास्ते वृंदावन से मथुरा होते हुए गोकुल तक जल परिवहन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए किनारे पर 5 प्रमुख क्रूज़ स्टेशन बनाए जा रहे हैं। जल निगम की सीएनडीएस शाखा द्वारा जिन घाटों पर इन आधुनिक स्टेशनों का ढांचा तैयार किया जा रहा है, उनमें से चार अकेले पावन नगरी वृंदावन के जुगल घाट, केसी घाट, देवराह बाबा घाट और मांट घाट में स्थित हैं, जबकि मथुरा में बंगाली घाट पर स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। श्रद्धालुओं और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सहूलियत और आराम को ध्यान में रखते हुए लगभग 5 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित लागत से इन सभी क्रूज़ स्टेशनों पर विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों को आधुनिक टिकट काउंटर की सुविधा मिलेगी, जहां से श्रद्धालु वृंदावन से मथुरा और गोकुल तक की जलयात्रा के लिए आसानी से टिकट ले सकेंगे। इसके साथ ही वाहनों के सुचारू प्रबंधन के लिए प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम 40 बड़े और छोटे वाहनों को एक साथ पार्क करने की क्षमता वाली सुरक्षित और विशाल पार्किंग व्यवस्था बनाई जा रही है। यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों पर आरामदायक वेटिंग हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि यदि क्रूज़ या बोट आने में समय हो तो यात्री इस वातानुकूलित और सर्वसुविधायुक्त प्रतीक्षालय में बैठकर आराम से इंतजार कर सकें। इसके अतिरिक्त, सभी क्रूज़ स्टेशनों पर साफ-सफाई को प्राथमिकता देते हुए टॉयलेट और सैनिटेशन की अत्याधुनिक व उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। भविष्य में दो और नए स्टेशन बनाने की योजना ब्रज क्षेत्र में जल परिवहन व्यवस्था को भविष्य में और अधिक मजबूत व व्यापक बनाने के लिए अभी से इसके रूट विस्तार की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आगामी समय में मथुरा और वृंदावन के बीच पड़ने वाले ऐतिहासिक अक्रूर घाट और कंस किला के समीप दो और नए क्रूज़ स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इस जल मार्ग के पूरी तरह से शुरू हो जाने के बाद ब्रज के धार्मिक पर्यटन को न सिर्फ वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी, बल्कि त्योहारों और वीकेंड्स पर मथुरा-वृंदावन की सड़कों पर लगने वाले भीषण और कष्टप्रद जाम की समस्या से भी भक्तों को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) के सचिव आशीष कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा ब्रज की पौराणिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए इस अद्भुत जलमार्ग की योजना तैयार की गई है। वर्तमान में यमुना के चिन्हित घाटों पर क्रूज़ स्टेशनों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इस परियोजना के धरातल पर उतरने से मथुरा आने वाले तीर्थयात्रियों को एक नया और अलौकिक अनुभव मिलेगा और वे जलमार्ग के जरिए ब्रज के घाटों और संस्कृति को एक बेहद खूबसूरत व नए नजरिए से देख सकेंगे। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura Accident: NH-19 पर ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी जोरदार टक्कर; चालक की मौके पर ही मौत ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]