यूनिक समय, नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2026 के अंकों से असंतुष्ट छात्रों को दी गई राहत की समयसीमा आज समाप्त हो रही है। बोर्ड द्वारा मार्क्स वेरिफिकेशन (अंकों के सत्यापन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन की तारीख को 6 जून से बढ़ाकर 7 जून, 2026 किया गया था, जिसके तहत आज आवेदन करने का अंतिम दिन है। जिन छात्रों ने अभी तक किसी भी कारणवश अपने नंबरों की दोबारा जांच के लिए फॉर्म नहीं भरा है, उन्हें आज मध्यरात्रि तक हर हाल में बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद किसी भी छात्र को अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। आज रात 11:59 बजे बंद हो जाएगा पोर्टल सीबीएसई द्वारा जारी नए शेड्यूल के अनुसार, छात्र आज यानी 7 जून की मध्यरात्रि (रात 11:59 बजे) तक ही मार्क्स वेरिफिकेशन और स्क्रूटनी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं। बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अंतिम समय में आने वाले सर्वर लोड और तकनीकी व्यस्तता से बचने के लिए आखिरी घंटों का इंतजार बिल्कुल न करें और जल्द से जल्द अपना फॉर्म सबमिट कर दें। बोर्ड के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, देश भर से अब तक 56,000 से भी अधिक छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के लिए आवेदन दर्ज करा चुके हैं और आज अंतिम दिन होने के कारण इस संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है। पोर्टल पर हुआ था 'डिनायल ऑफ सर्विस' साइबर हमला इस वर्ष सीबीएसई का स्क्रूटनी पोर्टल शुरू से ही तकनीकी चुनौतियों और विवादों के घेरे में रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत इस पोर्टल को 1 जून को ही लाइव किया जाना था, लेकिन कुछ गंभीर तकनीकी खामियों की वजह से यह तय समय पर शुरू नहीं हो सका और इसे एक दिन की देरी से यानी 2 जून को एक्टिव किया गया। पोर्टल के शुरू होते ही कुछ शरारती तत्वों और हैकर्स ने इसे पूरी तरह ठप और क्रैश करने के इरादे से इस पर 'डिनायल ऑफ सर्विस' (DoS) नामक बड़ा साइबर हमला कर दिया। इस हमले के दौरान महज 2 मिनट के भीतर पोर्टल पर 15 लाख से अधिक हिट्स आ गए, जिससे सर्वर पूरी तरह बैठ गया। इतना ही नहीं, हैकर्स द्वारा बोर्ड के डेटाबेस से एक लाख से अधिक महत्वपूर्ण फाइलों को अवैध रूप से एक्सेस करने और उन्हें लीक करने की भी कोशिश की गई, जिसके बाद बोर्ड की आईटी टीम ने सुरक्षात्मक कदम उठाए। छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली को लेकर छात्रों और सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और अनेक छात्रों ने बोर्ड पर बेहद गंभीर व सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। कई छात्रों ने स्क्रूटनी पोर्टल पर अपनी लॉग-इन आईडी के जरिए कॉपियां देखने के बाद दावा किया है कि वहां दिखाई दे रही स्कैन कॉपी उनकी है ही नहीं। छात्रों का सीधा आरोप है कि उनकी मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को किसी अन्य छात्र की कम नंबर वाली कॉपी से बदल दिया गया है। इसके साथ ही छात्रों की एक और बड़ी शिकायत यह है कि पोर्टल पर जो कॉपियां अपलोड की गई हैं, वे अत्यधिक धुंधली हैं। अक्षरों और अंकों के साफ न दिखने के कारण छात्र यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे किस सवाल पर पुनूर्मूल्यांकन की आपत्ति दर्ज कराएं। इन सभी विवादों के बीच 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने बोर्ड के भीतर चल रही टेंडर प्रक्रिया पर भी बड़ा सवाल उठाया है। सार्थक का दावा है कि ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग कराने वाली कंपनी ने 'कोएम्प्ट एडुटेक' नामक एक बाहरी एजेंसी को नियमों के विरुद्ध जाकर फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों में गुपचुप तरीके से बदलाव किए, जिससे पूरी कॉपियों की जांच प्रक्रिया ही संदेह के घेरे में आ गई है। फिलहाल, छात्र इन तमाम विसंगतियों के बावजूद आज आवेदन की अंतिम तिथि होने के कारण पोर्टल पर भारी संख्या में आवेदन कर रहे हैं। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura Accident: NH-19 पर ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी जोरदार टक्कर; चालक की मौके पर ही मौत ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]