यूनिक समय, नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना के बहुचर्चित 'कोचिंग वॉर' मामले में देश के प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को अदालत से एक बार फिर बड़ी राहत मिली है। शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में हुई बेहद अहम सुनवाई के दौरान अदालत ने फैजल खान की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार किया। कोर्ट ने उनके अंतरिम संरक्षण (गिरफ्तारी पर रोक) की अवधि को अगली सुनवाई तक के लिए बढ़ा दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद अगली तारीख तक खान सर की गिरफ्तारी पर रोक पूरी तरह बरकरार रहेगी। अदालत का आदेश शनिवार को कोर्ट की कार्यवाही के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से इस हाई-प्रोफाइल मामले की अपडेटेड केस डायरी अदालत के समक्ष प्रस्तुत की गई। केस डायरी का गहनता से अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें और कानूनी दांव-पेंच सुने। फिलहाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने कोई भी अंतिम फैसला सुनाने के बजाय यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि फैजल खान और उनके पक्ष से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ 'नो कोर्सिव एक्शन' (No Coercive Action) का संरक्षण लागू रहेगा। इसका सीधा मतलब है कि पुलिस अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कठोर या दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकती है। सुरक्षाकर्मियों की जमानत पर गरमाई बहस इस पूरे मामले में कानूनी मोड़ उस वक्त और अधिक दिलचस्प हो गया, जब मुख्य याचिका के साथ ही फैजल खान के दोनों सुरक्षाकर्मियों (बाउंटर्स/अंग्रक्षकों) की जमानत याचिका भी सुनवाई के लिए पटल पर आई। एक तरफ जहां मुख्य आरोपी फैजल खान को अदालत से अंतरिम राहत मिल गई, वहीं दूसरी तरफ उनके अंगरक्षकों की जमानत को लेकर अदालत कक्ष में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच काफी तीखी बहस और कानूनी दांव-पेंच देखने को मिले। विरोधी पक्ष ने सुरक्षाकर्मियों को राहत दिए जाने का पुरजोर विरोध किया। विरोधी पक्ष का गंभीर आरोप सुनवाई के दौरान विरोधी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता निरंजन कुमार ने खान सर की अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध करते हुए अदालत के सामने कई चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने दलील दी कि इस पूरे विवाद और कथित हिंसक साजिश का ताना-बाना 'खान ग्लोबल स्टडीज' (Khan Global Studies) के दफ्तर के भीतर ही बुना गया था, जिसके पर्याप्त डिजिटल और व्यावहारिक साक्ष्य मौजूद हैं। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि पीड़ित रौशन आनंद द्वारा कदमकुआं थाने में लिखित आवेदन दिए जाने के बावजूद पुलिसिया प्रभाव के कारण अब तक मुख्य प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित रौशन आनंद पर जेल के भीतर भी जानलेवा हमले का प्रयास किया गया है और उनके भाई प्रिंस के साथ भी आपराधिक कृत्य को अंजाम दिया गया है। विरोधी पक्ष ने कोर्ट से मांग की कि मामले के रसूख को देखते हुए इसकी पूरी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है, इसलिए आरोपियों को किसी भी प्रकार की राहत न दी जाए। फिलहाल, कोर्ट ने अगली सुनवाई तक खान सर को सुरक्षित रखा है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: ‘पुष्पा 2’ भगदड़ मामले में कोर्ट का बड़ा एक्शन; अल्लू अर्जुन सहित कुल 19 लोगों को जारी किया समन ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]