Sat, Jun 20th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Bangladesh: भगवान राम की तस्वीर के अपमान और मूर्ति निर्माण रोकने पर भड़के हिंदू; ढाका में निकाला विशाल जुलूस

by Tarun Bhardwaj • June 20, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा और उनके धार्मिक अधिकारों को लेकर एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चिंताएं गहरा गई हैं। राजधानी ढाका में शुक्रवार को हजारों की संख्या में एकजुट हुए हिंदू समुदाय के लोगों ने भगवान राम की तस्वीर के कथित अपमान और एक भव्य राम मूर्ति के निर्माण कार्य को कट्टरपंथियों के दबाव में रोके जाने के खिलाफ एक विशाल मशाल जुलूस निकालकर अपना आक्रोश दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान ढाका की सड़कें ‘जय श्री राम’ के नारों से गूंज उठीं।

शाहबाग चौराहे से प्रेस क्लब तक मार्च

कट्टरपंथियों द्वारा रंगपुर और गाइबांधा इलाके में भगवान राम की सबसे ऊंची मूर्ति के निर्माण का हिंसक विरोध करने और कथित तौर पर उनकी तस्वीर का घोर अपमान किए जाने के बाद यह चिंगारी अब राजधानी ढाका तक पहुंच गई है। हिंदू महाजोट के देशव्यापी आह्वान पर कई हिंदू संगठन, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र प्रमुख रूप से ढाका के शाहबाग चौराहे पर इकट्ठा हुए।

वहां से प्रदर्शनकारियों ने हाथों में जलती हुई मशालें लेकर नेशनल प्रेस क्लब तक एक बड़ा मार्च निकाला। प्रेस क्लब के सामने प्रदर्शनकारियों ने एक लंबी मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया, जबकि हिंदुओं के एक अन्य समूह ने ढाका रिपोर्टर्स यूनिटी (DRU) के बाहर प्रदर्शन किया। इस बीच, रंगपुर इलाके में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद पुलिस और हिंदू कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प होने की भी ख़बर है।

प्रभु राम की तस्वीर का अपमान

प्रदर्शनकारी हिंदू संगठनों का दावा है कि इस महीने की शुरुआत में गाइबांधा में एक रैली के दौरान कट्टरपंथी भीड़ ने जानबूझकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए भगवान राम की एक तस्वीर पर जूता रखकर उसका घोर अपमान किया था। हालांकि, इस मामले में स्थानीय पुलिस ने शिकायत के बाद केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक एक भी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है, जिससे हिंदू समाज बेहद आक्रोशित है।

कट्टरपंथियों ने दी बुलडोजर से ढहाने की धमकी

यह पूरा विवाद उत्तरी गाइबांधा जिले के पलाशबाड़ी में एक मंदिर परिसर के भीतर बनाई जा रही भगवान राम की भव्य 81 फीट ऊंची मूर्ति के निर्माण को लेकर है। इस विशाल मूर्ति का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा भी हो चुका है। ‘श्री श्री राधा गोविंद मंदिर समिति’ के अध्यक्ष हरिदास चंद्र दास ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से स्थानीय कट्टरपंथी समूहों द्वारा प्रोजेक्ट से जुड़े मूर्तिकारों और आयोजकों को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। हद तो तब हो गई जब एक कट्टरपंथी मौलवी ने सरेआम इस मूर्ति को बुलडोजर से गिराने की धमकी दे डाली।

मंदिर समिति के सलाहकार श्यामलाल कुमार महंत के मुताबिक, इलाके में किसी भी बड़े सांप्रदायिक दंगे को टालने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए फिलहाल डर के साये में इस काम को रोक दिया गया है। आयोजकों ने अब बांग्लादेश के नवनियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान से इस मामले में तुरंत कड़े हस्तक्षेप और सुरक्षा की गुहार लगाई है। आपको बता दें कि करीब 22 करोड़ बांग्लादेशी टका (लगभग 16 करोड़ भारतीय रुपये) के इस भव्य प्रोजेक्ट में 50 फीट के भगवान कृष्ण और 30 फीट के भगवान शिव की भव्य मूर्तियां भी बनाई जानी प्रस्तावित हैं।

सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम

प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी (BNP) सरकार पर इस पूरे मामले में चुप्पी साधने और निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए, हिंदू संगठनों ने दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी के लिए सरकार को 72 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। हिंदू समुदाय ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें समय रहते पूरी नहीं हुईं, तो पूरे देश में और भी उग्र रैलियां की जाएंगी।

हिंदू महाजोट ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर उनके आराध्य प्रभु राम की मूर्ति का निर्माण दोबारा शुरू नहीं करने दिया गया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और बांग्लादेश के सभी 64 जिलों में एक-एक करके नए राम मंदिर का निर्माण शुरू कर देंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय पूजा उत्सव समिति ने भी इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की स्थिति पर उठ रहे सवाल

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू सबसे बड़ा धार्मिक अल्पसंख्यक समूह हैं, जो कुल आबादी का लगभग 8 प्रतिशत हिस्सा हैं। देश में पिछली मुहम्मद यूनुस सरकार के पतन और हालिया राजनीतिक संकट के बाद से ही वहां हिंदुओं को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाने, मंदिरों में तोड़फोड़ और जमीन कब्जाने की घटनाओं में बेतहाशा तेजी देखी जा रही है।

हालांकि, इसी साल फरवरी 2026 में कार्यभार संभालने वाले नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह दावा किया था कि उनका देश सभी धर्मों के नागरिकों का है और सभी सुरक्षित हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट है।

बांग्लादेशी मानवाधिकार संगठनों के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच ही देश के अलग-अलग हिस्सों में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा की 133 से अधिक बड़ी वारदातें दर्ज की जा चुकी हैं, जो अल्पसंख्यकों के बदतर होते हालातों की गवाही दे रही हैं।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Breaking News: आमिर खान ने किया तीसरी शादी का खुलासा; गौरी स्प्रैट के साथ करेंगे सिंपल रजिस्टर्ड मैरिज

ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें।

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

प्रभु राम की तस्वीर के अपमान और भव्य मूर्ति निर्माण रोकने पर भड़के हिंदू आमिर खान ने किया तीसरी शादी का खुलासा ब्राजील ने हैती को 3-0 से रौंदकर टूर्नामेंट से किया बाहर खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत मथुरा में मिला भोपाल से 4 दिन से लापता 6 साल का अंश Rockstar Games ने की ‘GTA 6’ के प्री-ऑर्डर तारीख की घोषणा अयोध्या विवाद पर सीएम योगी का सख्त रुख टीम इंडिया में स्टार तेज गेंदबाज हर्षित राणा की हुई सरप्राइज एंट्री