यूनिक समय, नई दिल्ली। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में भगवान के चढ़ावे और वित्तीय अनियमितता से जुड़े मामले में फंसे व्यक्तिगत सहायक (पीए) प्रमोद नौटियाल की मुश्किलें अब और ज्यादा बढ़ गई हैं। मंदिर समिति द्वारा की गई विभागीय जांच और तत्काल प्रभाव से निलंबन (सस्पेंशन) की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में पुलिस की एंट्री हो गई है। बदरीनाथ नाथ मंदिर समिति (BKTC) की आधिकारिक शिकायत के बाद स्थानीय बदरीनाथ थाने में आरोपी के खिलाफ आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कदम के बाद अब यह पूरा मामला विभागीय पूछताछ से आगे बढ़कर सीधे कानूनी और पुलिसिया जांच के दायरे में आ गया है। BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान द्वारा पुलिस को एक लिखित तहरीर सौंपी गई थी। इस तहरीर के आधार पर बदरीनाथ थाने में आज, 8 जुलाई 2026 को आरोपी प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने के साथ ही इस पूरे संवेदनशील मामले की बारीकी से विवेचना (जांच) शुरू कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद खुली थी पोल तहरीर में इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि बीते 2 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से बदरीनाथ मंदिर परिसर में हुई कथित वित्तीय अनियमितता और चढ़ावे की चोरी की बात सामने आई थी। मामला उजागर होते ही मंदिर समिति ने त्वरित एक्शन लेते हुए जांच के लिए तत्काल एक तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। इस तीन सदस्यीय समिति की प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आकलन में यह बात प्रथम दृष्टया सच पाई गई कि संबंधित कार्मिक प्रमोद नौटियाल द्वारा सुबह करीब 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच मंदिर के गर्भगृह/काउंटर से कथित तौर पर धनराशि उठाई गई थी। पहले ही किया जा चुका है सस्पेंड प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद बीते कल यानी 7 जुलाई को बीकेटीसी के अध्यक्ष और उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया था। मंदिर समिति का मानना था कि यदि आरोपी अपने पद पर बना रहता, तो मंदिर के अन्य कर्मचारियों पर दबाव बनने और निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की पूरी आशंका थी। बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) योगेंद्र सिंह रांगड ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी वैयक्तिक सहायक के खिलाफ बदरीनाथ थाने में मामला दर्ज करा दिया गया है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर दर्ज होना आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं है, बल्कि यह कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत है। प्रमोद नौटियाल की संलिप्तता, दोष या निर्दोषता का अंतिम निर्धारण पुलिस की विस्तृत जांच, साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय किया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Shopian Encounter: शोपियां में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी; लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनई ढेर ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]