यूनिक समय, नई दिल्ली। ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अपना दबदबा कायम रखा है। 22 वर्षीय स्टार बॉक्सर प्रीति पवार ने महिलाओं की 54 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कनाडा की सवाना डेलगाडो को एकतरफा अंदाज में शिकस्त दी और भारत की झोली में बॉक्सिंग का पहला गोल्ड मेडल डाला। राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में प्रीति का यह पहला पदक है, जिसे उन्होंने सीधे स्वर्ण पदक के रूप में अपने नाम किया है। तीनों राउंड में दिखा प्रीति का दबदबा फाइनल मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की बॉक्सर प्रीति पवार एक वर्ल्ड चैंपियन की तरह खेलीं। उन्होंने पहले ही राउंड से कनाडाई प्रतिद्वंद्वी को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया और अपने सटीक पंचों से बढ़त बनाए रखी। मुकाबले के तीनों राउंड्स में प्रीति का पूरा दबदबा देखने को मिला, जिसके चलते सभी 5 जजों ने सर्वसम्मति (5-0) से प्रीति के पक्ष में फैसला सुनाया। शुरुआत से फाइनल तक एकतरफा रहा सफर इस पूरे टूर्नामेंट में प्रीति ने अपने सभी विरोधियों पर एकतरफा जीत दर्ज की, जहाँ पहले राउंड में उन्होंने मलावी की एथलीट को नॉकआउट करके धमाकेदार शुरुआत की। इसके बाद क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों में उन्होंने नॉर्दर्न आयरलैंड और जाम्बिया की मुक्केबाजों को एकतरफा अंदाज में हराकर फाइनल में प्रवेश किया, तथा अंत में कनाडा की सवाना डेलगाडो को शिकस्त देकर देश को स्वर्णिम सफलता दिलाई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रीति का शानदार रिकॉर्ड हरियाणा से आने वाली प्रीति पवार को पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान साल 2022 के एशियन गेम्स में मिली थी, जब उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। इसके बाद उन्होंने अंडर-22 एशियन चैंपियनशिप में भी शानदार प्रदर्शन किया और पिछले साल वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। भारत मेडल टैली में छठवें स्थान पर प्रीति पवार के इस गोल्ड और जैस्मिन लांबोरिया द्वारा जीते गए एक और स्वर्णिम पदक के बाद भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या 7 हो गई है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत अब तक कुल 25 पदक (7 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज) जीतकर पदक तालिका (Medal Tally) में छठवें पायदान पर पहुँच गया है। उल्लेखनीय है कि इस बार भारत के 14 मुक्केबाजों के दल ने भाग लिया था, जिनमें से रिकॉर्ड 10 मुक्केबाजों ने फाइनल में अपनी जगह बनाई है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: पेपर लीक रोधी संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी; 3 महीने में फैसला, 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ का जुर्माना ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]