यूनिक समय, मथुरा। श्रावण माह में शुरू होने जा रही पवित्र कांवड़ यात्रा और महाशिवरात्रि पर्व को सुरक्षित, सुचारु व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए मथुरा जिला प्रशासन और पुलिस महकमे ने अपनी कमर कस ली है। शनिवार दोपहर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें कांवड़ यात्रा मार्गों, प्रमुख शिवालयों और यमुना घाटों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया गया। 41 प्रमुख मंदिरों पर विशेष सुरक्षा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्लोक कुमार ने बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि मथुरा जिले में श्रावण मास के दौरान करीब 41 प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि जिले से होकर गुजरने वाले लगभग 80 किलोमीटर लंबे कांवड़ यात्रा मार्ग पर विशेष सुरक्षा बल, रूट डायवर्जन और यातायात प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था की जा रही है। संबंधित क्षेत्रों के उप जिलाधिकारी (SDM) और क्षेत्राधिकारी (CO) लगातार अपने-अपने इलाकों में कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर कमियों को दूर करा रहे हैं, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महाशिवरात्रि पर ड्रोन, CCTV और पुलिस से होगी निगरानी महाशिवरात्रि को ध्यान में रखते हुए यमुना के संवेदनशील घाटों पर मुस्तैद जल पुलिस तैनात की गई है, जबकि पूरे कांवड़ मार्ग, मुख्य रास्तों और चौराहों पर अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी कैमरों से हाईटेक निगरानी की जाएगी। इसके अलावा, पूरी यात्रा की पल-पल की मॉनिटरिंग के लिए एक केंद्रीकृत (Centralized) कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और सार्वजनिक सूचनाओं व निर्देशों के प्रसारण के लिए पूरे मार्ग पर पब्लिक एड्रेस (PA) सिस्टम सक्रिय रहेगा। DJ के लिए तय किए गए सख्त नियम एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कांवड़ संघों के पदाधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें की जा रही हैं, जिनमें उन्हें सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से डीजे संचालन को लेकर सख्त नियम तय किए गए हैं, जिनके तहत डीजे की ध्वनि निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही रखी जाएगी और कांवड़ वाहनों पर डीजे की ऊंचाई 12 फीट से अधिक नहीं होगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अतीत में अत्यधिक ऊंचे डीजे के विद्युत तारों से टकराने जैसी गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इन नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Nirmal Purja: दुनिया के मशहूर पर्वतारोही निर्मल ‘निम्सदाई’ पुर्जा का निधन; ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में 10 क्लाइंबर्स की मौत ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]