यूनिक समय, नई दिल्ली। पर्वतारोहण की दुनिया से एक बेहद दुखद और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है। पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी 'ब्रॉड पीक' पर भीषण हिमस्खलन (एवलांच) की चपेट में आने से मशहूर पर्वतारोही निर्मल 'निम्सदाई' पुर्जा का निधन हो गया है। इस दर्दनाक हादसे में उनके साथ मौजूद क्लाइंबिंग पार्टनर और गाइड पुर बहादुर गुरुंग (युक्ता), नीमा शेरपा, किली पेम्बा शेरपा और वांग झोंग समेत सभी 10 पर्वतारोहियों की जान चली गई है। एलीट एक्सपेड ने आधिकारिक बयान में की पुष्टि पर्वतारोहण कंपनी एलीट एक्सपेड (Elite Exped) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस हादसे की पुष्टि की। कंपनी ने कहा, "अत्यंत दुखी मन के साथ हम यह कन्फर्म कर रहे हैं कि ब्रॉड पीक पर आए एवलांच में निर्मल 'निम्सदाई' पुर्जा की दुखद मौत हो गई है। इसके साथ ही एक्सपीडिशन के अन्य सदस्यों के भी न बचने की पुष्टि हुई है।" बयान में आगे कहा गया कि आज हम न केवल निर्मल के लिए, बल्कि इस हादसे में जान गंवाने वाले उनके भरोसेमंद साथियों- पुर बहादुर गुरुंग और नीमा शेरपा समेत हर एक व्यक्ति के लिए शोक व्यक्त करते हैं। हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ हैं। लापता होने के बाद जागी थी उम्मीद हिमस्खलन के बाद शुरुआत में निर्मल पुर्जा के ट्रैकिंग डिवाइस में कुछ हलचल देखी गई थी, जिससे रेस्क्यू टीमों को उनके जीवित और होश में होने की उम्मीद जगी थी। इमरजेंसी टीमों ने तुरंत हाई-एल्टीट्यूड रिकवरी मिशन शुरू किया। हालाँकि, यह उम्मीद जल्द ही निराशा में बदल गई। बेस कैंप से उड़ाए गए ड्रोन कैमरों की मदद से सर्च टीम ने पहाड़ के कॉनकॉर्डिया साइड पर कैंप-I के ठीक नीचे निर्मल पुर्जा, किली पेम्बा शेरपा, नीमा शेरपा और वांग झोंग के पार्थिव शरीर देखे। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने बताया कि एवलांच की चपेट में आए सभी 10 क्लाइंबर्स की मृत्यु हो चुकी है। इतिहास रचने के बेहद करीब थे निर्मल पुर्जा ब्रॉड पीक पर चढ़ाई से पहले निर्मल पुर्जा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने लिखा था कि शुरुआत में उनका प्लान केवल 'G2' चोटी पर चढ़ने का था, लेकिन पाकिस्तान रवाना होने से ठीक पहले उन्होंने अपनी 8,000 मीटर ऊंची चोटियों के आंकड़ों को देखा। उन्हें एहसास हुआ कि यदि वे ब्रॉड पीक पर चढ़ाई पूरी कर लेते हैं, तो उनके खाते में बिना सप्लीमेंटल ऑक्सीजन के दुनिया की सभी 14 आठ-हजारी चोटियों को दो बार फतह करने का नया इतिहास रचने के लिए सिर्फ 'चो ओयू' चोटी ही बचेगी। इसी ऐतिहासिक रिकॉर्ड को बनाने के इरादे से वे ब्रॉड पीक पर उतरे थे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: पेपर लीक रोधी संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी; 3 महीने में फैसला, 10 साल की सजा और ₹10 करोड़ का जुर्माना ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]