यूनिक समय, नई दिल्ली। देश के तीन राज्यों—बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात—की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं। 30 जुलाई को हुए मतदान के बाद सोमवार को आए इन नतीजों में सबसे बड़ा उलटफेर बिहार की बांकीपुर सीट पर देखने को मिला है, जहाँ जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मजबूत गढ़ को ध्वस्त कर दिया है। वहीं मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस ने बाजी मारी, जबकि गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा। बांकीपुर में प्रशांत किशोर का ऐतिहासिक धमाका बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों के भारी अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। प्रशांत किशोर को कुल 64,151 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44,827 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इस सीट पर मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा कुमारी तीसरे स्थान पर खिसक गईं। यह जीत भाजपा के लिए एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है। 1990 से (तब पटना पश्चिम सीट) इस सीट पर लगातार भाजपा का कब्जा रहा था। पूर्व विधायक नवीन किशोर और उनके बाद उनके पुत्र व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यहाँ से लगातार 5 बार विधायक रहे। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट को प्रशांत किशोर ने 35 साल बाद भाजपा के हाथों से छीन लिया। 'जनता को सम्राट चौधरी का नेतृत्व स्वीकार नहीं': प्रशांत किशोर जीत के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा नेतृत्व पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "यह परिणाम स्पष्ट करता है कि बिहार की जनता सम्राट चौधरी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर रही है। किला किसी का अमर नहीं होता; 30 साल पुराना किला ढहने में 30 दिन भी नहीं लगे। इसकी मुख्य वजह यह है कि भाजपा ने जीत के बाद बिहार का नेतृत्व एक गलत चाल-चरित्र और अपराधी प्रवृत्ति वाले व्यक्ति को सौंपा, जो लोगों को कतई मंजूर नहीं है।" दूसरी ओर, हार स्वीकार करते हुए बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पार्टी इस जनादेश और हार के कारणों की गंभीरता से समीक्षा करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि बांकीपुर में भाजपा ने हमेशा विकास कार्य किए हैं और यह क्षेत्र आगे भी पार्टी की प्राथमिकता में रहेगा। दतिया में कांग्रेस का कब्जा, नरोत्तम का गढ़ गिरा मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6,016 वोटों से जीत दर्ज की। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने इस सीट से पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। हालांकि, आशुतोष तिवारी नरोत्तम मिश्रा के अपने पोलिंग बूथ पर भी बढ़त हासिल नहीं कर सके और भाजपा को यहाँ हार का सामना करना पड़ा। गुजरात की मंजलपुर सीट पर भाजपा की एकतरफा जीत गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने अपना दबदबा कायम रखा। भाजपा प्रत्याशी सतेन्द्रभाई (सतीश) पटेल ने 30,630 वोटों के विशाल अंतर से कांग्रेस के भिखाभाई रबारी को मात दी। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिखीं तकनीकी खामियां मतगणना के दौरान चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर आंकड़ों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। सुबह से जहाँ कुल 31 राउंड की काउंटिंग दिखाई जा रही थी, वहीं 31 राउंड पूरे होते ही अचानक वेबसाइट पर 32 और फिर 36 राउंड दर्ज हो गए। बाद में तकनीकी सुधार करते हुए पुनः 32 राउंड की गणना प्रदर्शित की गई। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Bihar: बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा उलटफेर; 15 हजार वोटों की बढ़त के साथ प्रशांत किशोर आगे, BJP-RJD को लगा झटका ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]