यूनिक समय, नई दिल्ली। प्रख्यात शिक्षाविद, समाजसेवी, पूर्व राज्यपाल और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव (डी. वाई.) पाटिल का कोल्हापुर के कसबा बावड़ा स्थित उनके निवास पर निधन हो गया। साधारण किसान परिवार में जन्मे डॉ. डी. वाई. पाटिल ने देश भर में शिक्षा की अलख जगाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। देश-विदेश में स्थापित किए 182 से अधिक शिक्षण संस्थान 22 अक्टूबर 1935 को जन्मे डॉ. डी. वाई. पाटिल 'शिक्षण सम्राट' के नाम से जाने जाते थे। वे प्रसिद्ध डी. वाई. पाटिल ग्रुप के संस्थापक थे। उनके कुशल नेतृत्व में देशभर में 182 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों, सात प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के विशाल नेटवर्क का निर्माण हुआ। उन्होंने महाराष्ट्र के कोल्हापुर, पुणे और मुंबई से लेकर देश के कई राज्यों तथा विदेशों तक में मेडिकल, इंजीनियरिंग और कृषि महाविद्यालय स्थापित किए। यहाँ तक कि जापान में भी विश्वविद्यालय स्थापित करके उन्होंने भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। तीन राज्यों के राज्यपाल और कोल्हापुर के रहे महापौर डॉ. पाटिल का राजनीतिक करियर भी काफी समृद्ध रहा। उन्होंने वर्ष 1957 से 1962 तक कोल्हापुर के महापौर के रूप में जनता की सेवा की। इसके बाद वर्ष 1967 से 1972 तक वे महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य (विधायक) रहे और राज्य मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। कांग्रेस पार्टी में लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन्हें त्रिपुरा, बिहार और पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमताओं का लोहा मनवाया। वे कांग्रेस के विधान परिषद दल के नेता विधायक सतेज पाटील और डी. वाई. पाटील समूह के प्रमुख संजय पाटिल के पिता थे। कल किया जाएगा अंतिम संस्कार शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए उन्हें लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर को बुधवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आम जनता के अंतिम दर्शनार्थ रखा जाएगा। इसके पश्चात शाम 4 बजे कसबा बावड़ा स्थित उनके निवास 'यशवंत निवास' से अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। उनका अंतिम संस्कार कोल्हापुर के लाइन बाजार स्थित डॉ. डी. वाई. पाटील मेडिकल कॉलेज परिसर में संपन्न होगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI2379 टर्बुलेंस में फंसी; कई यात्री व क्रू मेंबर्स चोटिल ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]