यूनिक समय, लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को कानपुर से जोड़ने वाले नए 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह सड़क खराब होने और धंसने की शिकायतों पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा संज्ञान लिया है। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे पर तत्काल प्रभाव से टोल वसूली रोक दी है और जब तक सड़क की पूरी मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक के लिए इसे यात्रियों के लिए 'टोल फ्री' कर दिया है। 13 जुलाई को उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों के भीतर गुणवत्ता पर उठे सवालों के बाद यह कार्रवाई की गई है। 275 रुपये टोल देने के बावजूद मिल रही थी टूटी सड़क उन्नाव-लखनऊ कैरिजवे पर सड़क की घटिया गुणवत्ता को लेकर यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर भारी नाराजगी जाहिर की थी, क्योंकि इस एक्सप्रेसवे पर कार, जीप और वैन से एक तरफ की यात्रा के लिए 275 रुपये का भारी-भरकम शुल्क वसूला जा रहा था। इस पर संज्ञान लेते हुए NHAI ने साफ कर दिया है कि जब तक मरम्मत का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक यात्रियों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा और टोल वसूली पर होने वाले आर्थिक नुकसान की पूरी भरपाई ठेकेदार कंपनी (कंसेशनियर) से की जाएगी। PNC इंफ्राटेक को शो-कॉज नोटिस NHAI ने 26 जुलाई को 64वें किलोमीटर के पास सड़क धंसने की घटना के बाद निर्माण एजेंसी PNC इंफ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत कंपनी को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करने का नोटिस दिया गया है, जिससे वह भविष्य में NHAI के प्रोजेक्ट्स के लिए बोली नहीं लगा सकेगी। इसके साथ ही परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2% जुर्माना लगाने, कंपनी के हाईवे प्रमुख व जिम्मेदार कर्मचारियों को 3 साल के लिए प्रतिबंधित करने और परफॉर्मेंस रेटिंग घटाने का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्राधिकरण ने ठेकेदार को करीब 3 करोड़ रुपये के अपने खुद के खर्चे पर प्रभावित हिस्से को जल्द से जल्द दुरुस्त करने का भी निर्देश दिया है। प्रोजेक्ट डायरेक्टर समेत कई इंजीनियरों पर गिरा गाज लापरवाही बरतने के आरोप में NHAI ने जिम्मेदार अधिकारियों और इंजीनियरों को प्रोजेक्ट से हटाते हुए कड़ी कार्रवाई की है। इसके तहत कंस्ट्रक्शन एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक कुमार गुप्ता, इंडिपेंडेंट इंजीनियर टीम लीडर सुरेंद्र कुमार और रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार को तुरंत हटाकर 2 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही मौजूदा प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को मूल विभाग वापस भेजकर उनके और पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया के खिलाफ चार्जशीट जारी की जा रही है। वहीं, इंडिपेंडेंट इंजीनियर के रूप में कार्यरत 'थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज' को भी भविष्य के प्रोजेक्ट्स से बैन करने का नोटिस जारी किया गया है। IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ करेंगे सड़क धंसने की जांच सड़क की सतह के मूल्यांकन के लिए लेज़र प्रोफ़िलोमीटर से जांच कराई जाएगी। इसके अलावा सड़क धंसने के कारणों का पता लगाने और स्थायी सुधार के उपाय सुझाने के लिए IIT खड़गपुर के प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की गई है। NHAI ने दोहराया कि राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Breaking: मार्क जकरबर्ग ने CSAM और डीपफेक कंटेंट पर मांगी माफी; IT एक्ट के तहत ‘सेफ हार्बर’ का कानूनी कवच समाप्त ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]