यूनिक समय, नई दिल्ली। झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के विरोध में छात्रों का उग्र आंदोलन देखने को मिला। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और सीबीआई जांच की मांग को लेकर हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए और विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाल रहे हैं। सुरक्षा बलों की कड़ी नाकेबंदी और कंटीले तारों को पार करते हुए छात्र दूसरी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए, जिसके बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम छात्रों के उग्र प्रदर्शन और विधानसभा मार्च को देखते हुए रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त कर दी थी। विधानसभा की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) बैरिकेडिंग की गई थी और कंटीले तार बिछाए गए थे। भारी संख्या में पुलिस बल और त्वरित कार्य बल की तैनाती के साथ-साथ इलाके में BNS की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू की गई थी। इसके बावजूद हजारों की संख्या में अभ्यर्थी पुलिसिया बंदोबस्त को चुनौती देते हुए आगे बढ़ रहे हैं। CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र इस आंदोलन को खत्म कराने के लिए सरकार के प्रतिनिधियों और छात्र नेताओं के बीच तीन दौर की उच्चस्तरीय बातचीत हो चुकी थी। बीते दिन भी लगभग 5 घंटे से अधिक समय तक दोनों पक्षों के बीच मंथन हुआ। सरकार का दावा था कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि, छात्र नेता सीजीएल (CGL) परीक्षा रद्द करने और पूरी प्रक्रिया की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मुख्य मांग पर अड़े रहे। इस प्रमुख मुद्दे पर बात न बनने के कारण वार्ता विफल हो गई और छात्रों ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत विधानसभा घेराव का निर्णय लिया। एंबुलेंस में पहुंचे देवेंद्र महतो बीते 9 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे महतो अत्यंत कमजोर स्थिति में होने के बावजूद प्रशासन को चकमा देकर एंबुलेंस के जरिए सीधे आंदोलन स्थल तक पहुंचे। उनके हाथों में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तस्वीर थी। मीडिया से बातचीत में भावुक होते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि सड़कों पर बिछाए गए कंटीले तारों को देखकर उनकी आत्मा रो उठी है। उन्होंने कहा, "युवा को अगर उल्टा करोगे तो वायु बनेगा, और वायु को रोकने की ताकत इस धरती पर किसी के पास नहीं है। अगर सरकार 2 प्रतिशत मांगें—CBI जांच और CGL रद्द करना—नहीं मानती, तो यह सियासी हलचल साल 2029 में देखने को मिलेगा. यह अचानक बदलाव नहीं है. सिस्टम से संघर्ष करते हुए बदलाव होगा।" शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील छात्र संगठनों ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की पुलिस झड़प से बचें और उपद्रवी तत्वों का साथ न देकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखें। वहीं, भारतीय जनता पार्टी समेत अन्य विपक्षी दलों द्वारा समर्थन दिए जाने के सवाल पर छात्र नेताओं ने कहा कि जो भी छात्रों के भविष्य और अधिकार के साथ खड़ा होगा, उसका स्वागत है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura News: यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात दो कारों की भीषण भिड़ंत; 4 लोग गंभीर रूप से घायल ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]