एक हेक्टेयर में अधिकतम सात बोरी यूरिया खरीद सकेंगे किसान बिना अभिलेख उर्वरक बेचने पर विक्रेताओं पर होगी कार्रवाई यूनिक समय, मथुरा। खरीफ फसलों में उर्वरक की आवश्यकता को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को उर्वरक की उपलब्धता और निर्धारित मात्रा में खरीद को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उप कृषि निदेशक आवेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में धान, बाजरा, ज्वार, मक्का, मूंग, सब्जियों और फूलों की फसलों में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग का कार्य चल रहा है। किसानों के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर 21,175 मीट्रिक टन यूरिया, 8,405 मीट्रिक टन डीएपी तथा 2,783 मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। किसान नकल खतौनी अथवा किसान पहचान पत्र और आधार कार्ड के साथ बिक्री केंद्र से उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं। एक हेक्टेयर में बोई गई फसल के लिए अधिकतम सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी खरीदने की अनुमति होगी। कृषि विभाग ने उर्वरक बिक्री में अनियमितता मिलने पर श्रीराम फर्टिलाइजर्स बल्देव, एसआर फर्टिलाइजर केमिकल्स, एसएल अग्रवाल फर्टिलाइजर केमिकल्स, मां गंगा कृषि सेवा केंद्र और घूरेलाल महेश चंद वाष्र्णेय की उर्वरक बिक्री प्रतिबंधित कर दी है। वहीं हसनपुर स्थित सचिन खाद बीज भंडार का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। किसानों को उर्वरक खरीदते समय बिक्री केंद्र पर पहचान संबंधी अभिलेख प्रस्तुत कर पीओएस मशीन में अंगूठा लगाने और पर्ची लेने को कहा गया है। पर्ची में दर्ज मात्रा की जांच भी करने की सलाह दी गई है। बिना अभिलेख या पीओएस प्रक्रिया के उर्वरक बेचने की शिकायत उप कृषि निदेशक के मोबाइल नंबर 8273893015 पर की जा सकती है। कृषि विभाग ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने तथा जैविक और जैव उर्वरकों के साथ सूक्ष्म पोषक तत्वों वाले उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की है।