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US Space Force: अमेरिका ने पहली बार माना ऑर्बिट में तैनात हैं ‘स्पेस वेपन्स’; रूस और चीन को दी कड़ी चेतावनी

by Tarun Bhardwaj • September 15, 2026
US acknowledges 'space weapons' are deployed in orbit

US Space Force: अमेरिका ने पहली बार माना ऑर्बिट में तैनात हैं ‘स्पेस वेपन्स’; रूस और चीन को दी कड़ी चेतावनी

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यूनिक समय, नई दिल्ली। संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि उसने अंतरिक्ष की कक्षा (ऑर्बिट) में अपने हथियार तैनात कर रखे हैं। यूएस स्पेस फोर्स (US Space Force) और एयर फोर्स के सेक्रेटरी ट्रॉय मींक ने मैरीलैंड में आयोजित एक प्रमुख रक्षा सम्मेलन में इसकी पुष्टि की। उन्होंने रूस और चीन से अमेरिकी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ‘ऑन-ऑर्बिट’ हथियारों की तैनाती को बेहद आवश्यक बताया।

दुश्मन की आक्रामक कार्रवाई से सुरक्षा

अमेरिकी स्पेस फोर्स के प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान में अंतरिक्ष में अपनी सैन्य रणनीति को स्पष्ट किया गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार स्पेस कंट्रोल मिशनों के तहत दुश्मन की क्षमताओं को बेअसर करने के लिए काइनेटिक और नॉन-काइनेटिक दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

बयान में कहा गया है कि इन अंतरिक्ष हथियारों का उपयोग आवश्यकता पड़ने पर आक्रामक और रक्षात्मक दोनों मकसदों के लिए किया जाएगा। हालांकि सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए हथियारों के सटीक प्रकार और विवरण की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

रूस-चीन से खतरा और वैश्विक निर्भरता पर असर

अमेरिकी खुफिया और सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, चीन और रूस अंतरिक्ष को भावी युद्ध के मैदान के रूप में देख रहे हैं। चीन अपनी सैन्य आधुनिकीकरण रणनीति के तहत काउंटर-स्पेस क्षमताएं बढ़ा रहा है। वहीं रूस भविष्य के संघर्षों में अंतरिक्ष पर वर्चस्व को निर्णायक मानता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ से वैश्विक नेविगेशन, मौसम पूर्वानुमान, बैंकिंग, कार्गो शिपिंग और आपातकालीन सेवाओं के लिए इस्तेमाल होने वाले उपग्रहों के प्रभावित होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। यद्यपि 1967 की ‘आउटर स्पेस ट्रीटी’ के तहत अंतरिक्ष में परमाणु और जैविक हथियारों पर प्रतिबंध लागू है।

इसके बावजूद उपग्रहों को नष्ट या बेअसर करने वाले आधुनिक सिस्टमों की होड़ ने वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।

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