यूनिक समय, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के जरिए MBBS और BDS पाठ्यक्रमों में एडमिशन की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय (DGME) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के बाद पहले चरण की NEET UG ऑनलाइन काउंसलिंग को रद्द कर नया संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। इस फैसले का सीधा असर उन हजारों उम्मीदवारों पर पड़ा है, जिन्हें 7 सितंबर को जारी सीट अलॉटमेंट में कॉलेज आवंटित हो चुके थे। हाईकोर्ट का फैसला NEET UG काउंसलिंग प्रक्रिया रद्द करने और नया शेड्यूल जारी करने की मुख्य वजह चार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में आरक्षण को लेकर हुआ विवाद है। अंबेडकरनगर, कन्नौज, सहारनपुर और जालौन के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीटों के आरक्षण को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा था। इस याचिका में राज्य सरकार के 1 सितंबर के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि इन चारों कॉलेजों में भी अन्य सरकारी कॉलेजों की तरह एससी के लिए 21%, एसटी के लिए 2% और ओबीसी के लिए 27% आरक्षण लागू किया जाए। इसी आदेश के आधार पर अब संशोधित काउंसलिंग कराई जा रही है। संशोधित काउंसलिंग प्रक्रिया उत्तर प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट मेडिकल व डेंटल कॉलेजों के स्टेट कोटा एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर लागू होगी। 7 सितंबर का अलॉटमेंट रद्द DGME ने साफ कर दिया है कि 7 सितंबर 2026 को जारी हुआ सीट अलॉटमेंट अब पूरी तरह अमान्य हो गया है। पहले चरण की मेरिट लिस्ट के आधार पर ही दोबारा प्रक्रिया शुरू की गई है। उम्मीदवार आधिकारिक पोर्टल upneet.gov.in पर लॉगिन करके 21 सितंबर 2026 की शाम 5 बजे तक अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स भर सकते हैं। इसके बाद 22 सितंबर को प्रथम चरण का नया सीट अलॉटमेंट रिजल्ट घोषित किया जाएगा। जिन उम्मीदवारों को सीटें आवंटित होंगी, वे 23 से 26 सितंबर के बीच अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। उम्मीदवारों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश अभ्यर्थियों को ध्यान देना होगा कि केवल कॉलेज चुनना काफी नहीं है। तय समय के अंदर चॉइस लॉक (Choice Locking) करना अनिवार्य है, वरना उम्मीदवार सीट अलॉटमेंट की रेस से बाहर हो जाएंगे। पहले चरण में मिला कॉलेज दोबारा मिले, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी प्राथमिकताओं को दोबारा बहुत ध्यान से भरें। सरकारी कॉलेजों में सीट मिलने पर सीधे उसी कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया पूरी होगी। वहीं प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन शासन द्वारा तय नोडल केंद्रों के माध्यम से पूरा किया जाएगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: 20वां रोजगार मेला: पीएम मोदी ने बांटे 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र; कहा- ‘2047 तक विकसित भारत बनाने में युवाओं की बड़ी भूमिका’ ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]