यूनिक समय, नई दिल्ली। गुजरात के अहमदाबाद जिले के साणंद तालुका अंतर्गत आने वाले विंछिया गांव से एक अत्यंत दुखद और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक खेतिहर मजदूर पिता ने अंधविश्वास के चलते अपने ही 10 साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता शव के पास ही चारपाई पर चैन से सो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पारिवारिक कलह और पारंपरिक अनुष्ठान की सनक बनी वजह पुलिस अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी नरेश पटेल खेतिहर मजदूर है। करीब 10 दिन पहले पारिवारिक विवाद के चलते उसकी पत्नी भारतीबेन अपने मायके चली गई थी। चूंकि बच्चे का स्कूल था, इसलिए वह बेटे को पति के पास ही छोड़ गई थी। भारतीबेन द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के मुताबिक, आरोपी ने अंधविश्वास के वशीभूत होकर यह खौफनाक कदम उठाया। आरोपी का तर्क था कि उसके परिवार में 'भुवा' (स्थानीय समुदाय और देवी-देवताओं के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाला पारंपरिक अनुष्ठानकर्ता) बनने की परंपरा रही है, और वह नहीं चाहता था कि उसके बाद परिवार में कोई अन्य व्यक्ति इस परंपरा को आगे बढ़ाए। इसी अमानवीय सोच के तहत उसने अपने इकलौते बेटे को मौत के घाट उतार दिया। वेदी पर पटका और डंडे से किया वार शिकायत के अनुसार, आरोपी नरेश पटेल ने क्रूरता की सभी हदें पार करते हुए मासूम बेटे करण को पैरों से पकड़ा और घर में बनी देवी की छोटी सी वेदी के सामने जमीन पर दो-तीन बार जोर से पटका। इसके बाद डंडे से उसके सिर पर वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खून से सने कपड़ों के साथ उसी चारपाई पर लेट गया, जिस पर बच्चे का शव पड़ा था। पड़ोसी के फोन से हुआ खुलासा रविवार रात एक पड़ोसी ने फोन कर बच्चे की मां को इस अनहोनी की सूचना दी। रात करीब साढ़े नौ बजे जब मां गांव पहुंची, तो उसने अपने बेटे को खून से लथपथ चारपाई पर मृत पाया, जिसके माथे पर गहरे चोट के निशान थे। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी क्रूरता का कुबूलनामा दिया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: ‘हमारे राम सीधे, कृष्ण टेढ़े’ बयान पर संतों के विरोध के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने जारी की सफाई; बोले- “हम कृष्ण विरोधी नहीं” ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]