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मनी लॉन्ड्रिंग मामले दो चीनी नागरिक 14 दिन की रिमांड पर भेज गए, ईडी का बड़ा एक्शन

by यूनिक समय • January 17, 2021
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नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार हुए दो चीनी नागरिकों को प्रवर्तन निदेशालय की 14 दिनों की रिमांड पर भेजा गया है। चार्ली पेंग और कार्टर ली नाम के दो व्यक्तियों को पहले अदालत में पेश किया गया था, जहां से इन्हें 14 दिन की रिमांड पर भेजने के आदेश दिए गया। पेंग को दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने घोटाले के आरोप में 2018 में गिरफ्तार किया था. वहीं, उसपर फर्जी भारतीय पासपोर्ट रखने का भी आरोप है।

रविवार को अधिकारियों ने जानकारी दी ‘इनपर कथित रूप से 1 हजार करोड़ रुपए का हवाला रैकेट चलाने का आरोप है।’ समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, उन्होंने कहा ‘अगस्त 2020 में आयकर विभाग ने चीनी नागरिक के ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी, जिसके बाद ईडी ने एक चीनी नागरिक के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।

खास बात है कि गिरफ्तार हुए 42 साल के पेंग पर फर्जी भारतीय पासपोर्ट और झूठी कंपनियां बनाने का आरोप है। इन कंपनियों का उपयोग पेंग चीन से हवाला की रकम की आवाजाही के लिए करता था। वहीं, उसे 2018 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन चीनी नागरिकों को 15 जनवरी को पहले पूछताछ के लिए बुलाया था, जिसके बाद इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

बीते शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से इन्हें ईडी की 14 दिन की कस्टडी में भेज दिया गया। खास बात है कि आयकर विभाग ने बीते साल अगस्त में राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में छापे मारे थे। मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि आयकर विभाग के अनुसार, पेंग और दूसरे चीनी नागरिकों ने चीनी कंपनियों के नाम पर 40 बैंक खाते खोले थे। इन खातों की मदद से इन लोगों ने 1000 करोड़ रुपए की लॉन्ड्रिंग को अंजाम दिया।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, पेंग पर केवल हवाला रैकेट चलाने का आरोप नहीं है, वो जासूसी गिरोह में भी शामिल था। पूछताछ में पता चला है कि चीनी खूफिया एजेंसियों ने इसके जरिए दिल्ली में रह रहे तिब्बतियों को घूस देने की कोशिश भी की है। इनके निशाने पर दिल्ली स्थित मजनू का टीला पर रहने वाले लामा और साधू थे। हालांकि पेंग ने सीधे तौर पर किसी को भी रुपए नहीं दिए। यह काम उसने अपने ऑफिस स्टाफ की मदद से किया था।

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