वाशिंगटन। नासा के पर्सवेरेंस मार्स रोवर ने मार्स पर चट्टान का पहला सैंपल इकट्ठा करने में कामयाबी हासिल की है। नासा के वैज्ञानिक इसे धरती पर लाने के बाद जांच करेंगे। नासा ने कहा- 6 सितंबर को मोंटडेनियर नाम का पहला सैंपल कलेक्ट करने के बाद टीम ने 8 सितंबर को उसी चट्टान से दूसरा मोंटाग्नैक कलेक्ट किया। https://twitter.com/NASAPersevere/status/1435023904657928192?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1435023904657928192%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2FNASAPersevere%2Fstatus%2F1435023904657928192%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw नासा ने एक फोटो पोस्ट कर जानकारी दी, जिसमें चट्टान के टुकड़े दिख रहे हैं। नासा ने कहा- ये आधिकारिक है। हमने ग्रह पर ड्रिल कर चट्टान का सैंपल इकट्ठा कर लिया है। पृथ्वी पर सैंपल लाने की तैयारी की जा रही है। ये बहुत अनोखा है। नासा ने कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूरे किए हैं। इसका हमारे पास लंबा इतिहास रहा है। साउथ कैलिफोर्निया में नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) के वैज्ञानिक कैलटेक के केन फार्ले ने कहा, ऐसा लगता है हमारी पहली चट्टानें रहने योग्य वातावरण को बताती हैं। यह एक बड़ी बात है कि यहां काफी लंबे समय तक पानी था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कलेक्ट सैंपल को धरती तक लाने में करीब 10 साल का समय लगेगा। इसमें कम से कम 4 अरब डॉलर का खर्च आएगा। सैंपल को धरती पर लाने के बाद क्या किया जाएगा? सैंपल के जरिए जीवन की तलाश की जाएगा। जीवन जीने योग्य वातावरण है या नहीं। ये मिशन इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि अभी तक मंगल पर भेजे गए सिर्फ 40% मिशन ही सफल हुए हैं। अगर सब ठीक रहा और सैंपल धरती तक आया तो ये एक नई कहानी की शुरुआत होगी।