गाजियाबाद मोबाइल गेम्स की दीवानगी में एक डॉक्टर ने 80 हजार रुपये गंवा दिए। एक चर्चित मोबाइल गेम में प्लेयर और लेवल अपग्रेड के लिए एमबीबीएस डॉक्टर ने रुपये डाले थे। कुछ दिन बाद गेम खेलने के लिए लॉगिन किया तो रुपये खत्म हो गए थे। पता चला कि किसी और ने उनके गेमिंग अकाउंट से चैंपियनशिप खेली और सारे रुपये उड़ा दिए। दिल्ली में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर ने साइबर सेल में शिकायत दी है। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि शिकायत वैशाली में रहने वाले डॉ. नवनीत सिंह ने दी है। वे मोबाइल गेम खेलते हैं। इसमें प्लेयर, लेवल और दूसरे अपग्रेड के लिए कई बार रुपये की जरूरत पड़ती है। इसी वजह से डॉ. नवनीत ने 80 हजार रुपये गेमिंग वॉलेट में डाले थे। डॉक्टर के इसी वॉलेट को किसी ने हैक कर उन रुपयों से गेम खेल लिया। 5 दिन पहले जब डॉक्टर ने अपने गेमिंग अकाउंट को लॉगिन किया तो कहीं और लॉगिन बताया गया। कुछ दिन बाद लॉगिन हुआ तो जो रुपये डाले थे, वे खत्म हो गए थे। उनका इस्तेमाल कर किसी ने गेम खेल लिया था। इसके बाद डॉक्टर नवनीत ने साइबर सेल में शिकायत दी। जुलाई में वायरल हुआ था वीडियो जो गेम डॉक्टर खेल रहे थे, उसके इंडिया सीरीज 2021 में 19 जुलाई तक रजिस्ट्रेशन करना था। जुलाई में गेम बनाने वाली कंपनी ने इस बारे में यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो डाला था, जो महज 24 घंटे में ही 9वें नंबर पर ट्रेंड करने लगा था। एक मिलियन से ज्यादा लोग इसे देख चुके थे। वीडियो में कंपनी ने एक करोड़ रुपये जीतने का मौका देने की बात कही थी। गेमिंग कंपनी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा बैटल बताया था। इनाम जीतने के चक्कर में लाखों यूजर्स ने गेमिंग वॉलेट में रुपये डालकर प्लेयर और दूसरे फीचर्स को अपग्रेड किया था। ऐसे रहें सतर्क:- केवल भरोसेमंद गूगल के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने वाले गेम ही डाउनलोड करें। आईओएस या गूगल प्ले स्टोर के अलावा दूसरी जगह से गेम डाउनलोड न करें। पासवर्ड हमेशा मजबूत रखें और एक सप्ताह से 15 दिन के अंदर जरूर बदलें। पासवर्ड में शब्द, अंक और विशेष कैरेक्टर जरूर हो और यह 8 कैरेक्टर से कम न हो। गेमिंग अकाउंट के साथ किसी भी सूरत में क्रेडिट कार्ड को लिंक न करें। अगर रुपये डालना जरूरी ही हो तो ऐसे अकाउंट का इस्तेमाल करें, जिसमें ज्यादा बैलेंस न रहता हो। गेम जब न खेल रहे हो तो उससे लिंक सभी वित्तीय जानकारियों को जरूर हटा दें। किसी तरह की ठगी होने पर गेमिंग कंपनी को ई-मेल, कॉल से शिकायत करके पुलिस को तुरंत सूचना दें।