नई दिल्ली। गुजरात की बैडमिंटन खिलाड़ी तसनीम मीर ने भारत में बैडमिंटन स्पोर्ट्स को एक नई ऊंचाई दिलाई है। 16 साल की तसनीम ने इतिहास रचते हुए जूनियर बैडमिंटन में दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी होने का गौरव हासिल किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह कमाल करने वालीं तसनीम भारत की इकलौती खिलाड़ी हैं। भारत की दिग्गज खिलाड़ी पीवी सिंधु और साइना नेहवाल भी कभी जूनियर स्तर पर नंबर 1 की पोजिशन पर नहीं पहुंच पाई थीं। बता दें कि सिंधु अंडर-19 के दिनों में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी थीं। तेलंगाना की सामिया इमाद फारूकी इसके करीब आईं, लेकिन दूसरे स्थान पर ही पहुंच सकीं। https://twitter.com/dgpgujarat/status/1481169168078675970?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1481169168078675970%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fstatic.asianetnews.com%2Ftwitter-iframe%2Fshow.html%3Furl%3Dhttps%3A%2F%2Ftwitter.com%2Fdgpgujarat%2Fstatus%2F1481169168078675970%3Fref_src%3Dtwsrc5Etfw तस्नीम BWF अंडर-19 की महिला एकल में दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी बनने वालीं पहले भारतीय बन गई हैं। पिछले दिनों उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके यह रैंक हासिल की। गुजरात के DGP ने tweet करके बधाई दी। बता दें कि BWFजूनियर रैंकिंग की शुरुआत 2011 में हुई थी। हालांकि तब साइना नेहवाल जूनियर रैंकिंग के मानदंडों पर खरा नहीं उतरती थीं। तसनीम के पिता इरफान मीर गुजरात पुलिस में मेहसाना में ASI हैं। तसनीम के इस प्रदर्शन से भारतीय बैडमिंटन को एक नई उम्मीद मिली है। तसनीम से जूनियर इंटरनेशनल लेवल पर चार खिताब-बुल्गारियन जूनियर चैंपियनशिप, एलप्स इंटरनेशल और बेल्जियम जूनियर हासिल किए हैं। तसनीम ने न्यूज एजेंसी PTI से कहा कि वे यह दावा नहीं करती कि उन्हें ऐसा कर पाने की उम्मीद थी। उन्हें कभी नहीं लगा कि वे नंबर 1 बन पाएंगी। तसनीम कहती हैं कि इसकी वजह टूर्नामेंट COVID-19 से प्रभावित हो रहा था। हालांकि जब बुल्गारिया, फ्रांस और बेल्जियम में तीन इवेंट जीते, तब उम्मीद जागी। तसनीम ने कहा कि वे बहुत खुश हैं। तसनीम ने अपनी आगे की प्लानिंग का खुलासा करते हुए कहा कि अब उनका पूरा फोकस सीनियर सर्किट पर ध्यान केंद्रित करना है। तसनीम अगले महीने ईरान और युगांडा में होने जा रहे टूर्नामेंट की तैयारियों में जुटी हैं। तसनीम कहती हैं कि उनका लक्ष्य अपनी सीनियर रैंकिंग में सुधार करना है। वे कहती हैं कि अगर वे अच्छे प्रदर्शन करके साल के अंत तक शीर्ष 200 में पहुंच जाएं, तो बढ़िया रहेगा।