यूनिक समय, वृंदावन (मथुरा)। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा 'ब्रजरज उत्सव 2026' के तहत आयोजित तीन दिवसीय 'श्रीकृष्ण राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर' का भव्य समापन हुआ। वृंदावन में आयोजित इस राष्ट्रीय शिविर में देशभर से आए नामचीन चित्रकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की विविध लीलाओं और ब्रज की समृद्ध संस्कृति को अपने रंगों व तूलिका के माध्यम से जीवंत किया। शिविर के दौरान मध्य प्रदेश के आष्टा की प्रसिद्ध चित्रकार अलका मनीष पाठक द्वारा बनाई गई कृष्ण-सुदामा की निस्वार्थ मित्रता की जलरंग (Water Color) पेंटिंग पूरे आयोजन में विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही। सांसद हेमा मालिनी ने सराहा समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने चित्रकारों द्वारा बनाई गई मनमोहक कृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत आश्चर्यजनक और प्रशंसनीय है कि देश भर से आए कलाकारों ने महज दो से तीन दिनों के भीतर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को इतनी सुंदरता और भावपूर्ण तरीके से कैनवास पर उतार दिया। कलाकारों के उत्साह और कला की गहराई को देखते हुए सांसद हेमा मालिनी ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों को निर्देश दिया कि भविष्य में इस चित्रांकन शिविर की अवधि को 3 दिन से बढ़ाकर 5 दिन किया जाए, ताकि कलाकारों को अपनी उत्कृष्ट कलाकृतियाँ पूर्ण करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। देशभर की विविध चित्रकला शैलियों का दिखा संगम इस 'श्रीकृष्ण राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर' में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, बिहार, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों के वरिष्ठ व युवा चित्रकारों ने हिस्सा लिया। शिविर में कलाकारों ने पहाड़ शैली, गुजरात शैली और पारंपरिक जलरंग (Water Color) शैली जैसी विविध भारतीय कला पद्धतियों का उपयोग कर श्रीकृष्ण लीलाओं को साकार किया। कैनवास पर जीवंत हुई कृष्ण-सुदामा की निस्वार्थ प्रीति 'श्रीकृष्ण राष्ट्रीय चित्रांकन शिविर' के दौरान आष्टा की कलाकार अलका मनीष पाठक ने जलरंग शैली का उपयोग करते हुए भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के मिलन व मित्रता के भावुक प्रसंग को उकेरा। पेंटिंग के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निस्वार्थ प्रेम, समानता और सच्चे समर्पण का अद्वितीय प्रतीक है। उन्होंने सुदामा द्वारा संकोचवश चावल की पोटली छिपाने और श्रीकृष्ण द्वारा उसे प्रेमपूर्वक छीनकर खाने के प्रसंग को रंगों के माध्यम से अत्यंत जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अलका पाठक की इस भावपूर्ण कलाकृति ने वहाँ मौजूद सभी कलाप्रेमियों और अतिथियों का दिल जीत लिया। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Duleep Trophy 2026: ईशान किशन की कप्तानी में ईस्ट जोन ने रचा इतिहास; 13 साल बाद जीता खिताबी मुकाबला ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]