यूनिक समय, नई दिल्ली। सनातन धर्म के सबसे पवित्र और प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के शुरू होने का इंतजार कर रहे करोड़ों शिवभक्तों के लिए आज का दिन एक बेहद पावन और सुखद संदेश लेकर आया है। आगामी जुलाई महीने में शुरू होने जा रही इस वार्षिक यात्रा से पहले दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित होने वाले बर्फ के शिवलिंग 'बाबा बर्फानी' की पहली अलौकिक तस्वीर सामने आ चुकी है। मई 2026 के अंत में बाबा बर्फानी का यह दिव्य शिवलिंग लगभग 6 से 7 फीट की शानदार ऊंचाई के साथ अपने पूरे और भव्य आकार में प्रकट हो चुका है। गुफा के आसपास तैनात सुरक्षाबलों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे शुरुआती श्रद्धालुओं ने बाबा के इस पहले स्वरूप के साक्षात दर्शन कर लिए हैं, जिससे देशभर के शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह और खुशी की लहर दौड़ गई है। 3 जुलाई से शुरू होगी 57 दिवसीय यात्रा श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) द्वारा जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, इस साल की पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए औपचारिक रूप से शुरू होने जा रही है। 57 दिनों तक चलने वाली यह बेहद कठिन और आस्था से भरपूर यात्रा 28 अगस्त 2026 को रक्षा बंधन और सावन पूर्णिमा के पावन अवसर पर छड़ी मुबारक की रस्म के साथ संपन्न होगी। लगभग दो महीने की इस अवधि में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए कश्मीर पहुंचेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, यह यात्रा हमेशा की तरह दो पारंपरिक मार्गों से संचालित की जाएगी। पहला मार्ग गांदरबल जिले का छोटा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'बालटाल-सोनमर्ग' मार्ग है, जबकि दूसरा अनंतनाग जिले का पारंपरिक और लंबा 'नुनवान-पहलगाम' मार्ग है। इन दोनों ही रास्तों पर सुरक्षा और सुविधाओं के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि दुर्गम पहाड़ियों के बीच भक्तों को कोई परेशानी न हो। रास्तों पर अभी भी जमी है 10 से 12 फीट तक बर्फ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें दिन-रात युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। हिमालय के इन दुर्गम यात्रा मार्गों पर वर्तमान में कई संवेदनशील स्थानों और पहाड़ों पर 10 से 12 फीट तक की भारी बर्फ की चादर जमी हुई है। इस हाड़ कपाने वाली ठंड और विपरीत मौसम के बीच मजदूर और मशीनें रास्तों से बर्फ हटाने, संकरे रास्तों को चौड़ा करने और रेलिंग लगाने के काम में जुटे हुए हैं, ताकि 3 जुलाई से पहले दोनों ट्रैक को पूरी तरह से सुगम और चलने लायक बनाया जा सके। 3.6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर भक्तों की दीवानगी और आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 3 लाख 60 हजार से अधिक श्रद्धालु अपना एडवांस रजिस्ट्रेशन (अग्रिम पंजीकरण) करा चुके हैं। श्राइन बोर्ड ने इस वर्ष की यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बीते 15 अप्रैल से ही शुरू कर दी थी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों से यात्रा परमिट जारी किए जा रहे हैं। देशभर में पंजाब नेशनल बैंक (PNB), एसबीआई (SBI), जम्मू-कश्मीर बैंक और येस बैंक सहित विभिन्न प्रमुख बैंकों की कुल 554 तय बैंक शाखाओं के जरिए ऑफलाइन परमिट बांटे जा रहे हैं, ताकि सुदूर इलाकों के यात्रियों को भी रजिस्ट्रेशन में किसी प्रकार की तकनीकी या व्यावहारिक परेशानी का सामना न करना पड़े। सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस बार अमरनाथ यात्रा की अभेद्य सुरक्षा के लिए ड्रोन, सीसीटीवी और भारी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती का खाका तैयार कर लिया है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: LSG vs PBKS मैच से पहले आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान; ऋषभ पंत को बताया IPL के इतिहास का दूसरा सबसे खराब कप्तान [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]