यूनिक समय, नई दिल्ली। अगर आप कल यानी 12 फरवरी 2026 को बैंक जाने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। देश की प्रमुख बैंक यूनियनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि, रिजर्व बैंक के कैलेंडर के अनुसार कल कोई आधिकारिक अवकाश नहीं है, लेकिन हड़ताल के कारण शाखाओं में कामकाज बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है। हड़ताल की मुख्य वजहें और मांगें बैंक यूनियनों की यह हड़ताल मुख्य रूप से ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) और BEFI जैसी बड़ी यूनियनों द्वारा बुलाई गई है, जिनकी नाराजगी का प्रमुख कारण सरकार के नए लेबर कोड का विरोध है क्योंकि उनका मानना है कि ये नियम कर्मचारियों के हितों के खिलाफ हैं। इसके साथ ही कर्मचारी लंबे समय से हर शनिवार और रविवार की छुट्टी यानी '5-डे वर्क वीक' की मांग कर रहे हैं और बैंकिंग क्षेत्र में बढ़ते तनाव व काम के घंटों को लेकर बेहतर वर्क-लाइफ बैलेंस की जरूरत पर भी विरोध जता रहे हैं। कहां और कितना होगा असर? स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और IDBI जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंकों ने पहले ही स्टॉक एक्सचेंज को सूचित कर दिया है कि हड़ताल के कारण उनकी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। स्टाफ की कमी के कारण कैश जमा/निकासी और लोन से जुड़े कामों में घंटों का समय लग सकता है। फिजिकल चेक की प्रोसेसिंग धीमी रह सकती है, जिससे आपका भुगतान लटक सकता है। ग्राहकों के लिए राहत हड़ताल के बावजूद ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि डिजिटल इंडिया की रफ्तार नहीं थमेगी क्योंकि UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल ऐप सेवाएं 24x7 चालू रहेंगी तथा एटीएम में भी कैश की उपलब्धता बनी रहने की उम्मीद है। साथ ही HDFC और ICICI जैसे अधिकांश निजी बैंक इस हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए वहां कामकाज सामान्य रहेगा, लेकिन असुविधा से बचने के लिए विशेषज्ञों की प्रो टिप है कि अगर आपको बैंक ड्राफ्ट या केवाईसी जैसे जरूरी काम के लिए ब्रांच जाना अनिवार्य है, तो इसे आज शाम तक ही निपटा लें। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Budget 2026: संसद में राहुल गांधी का ‘मार्शल आर्ट्स’ वाला दांव; बोले- ‘जिजित्सु की ग्रिप दिखती है, राजनीति की नहीं’