यूनिक समय, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 1937 के कांग्रेस कार्यसमिति के प्रस्ताव को पुनः दोहराते हुए राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के केवल प्रथम दो पदों के गायन तक सीमित करने के निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा की है। भाजपा का स्पष्ट मानना है कि वंदे मातरम् भारत का राष्ट्रीय गीत, स्वतंत्रता संग्राम का अमर मंत्र, भारत माता के प्रति अगाध श्रद्धा और राष्ट्रीय चेतना का अखंड प्रतीक है। पार्टी ने इस सांस्कृतिक व राष्ट्रीय गौरव की रक्षा के लिए एक व्यापक संकल्प लिया है। संवैधानिक मर्यादा और तुष्टीकरण का विरोध भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि वोट-बैंक की राजनीति और सांप्रदायिक दबाव के सामने राष्ट्रीय गीत के सम्मान से किसी भी स्थिति में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पार्टी के अनुसार 1937 का कोई भी राजनीतिक समझौता वर्ष 1950 में संविधान सभा द्वारा ली गई घोषणा और 2026 में संसद द्वारा राष्ट्रीय गीत को प्रदान किए गए वैधानिक संरक्षण से ऊपर नहीं माना जा सकता है। इसके साथ ही, पार्टी ने 'वंदे मातरम्' को राजनीतिक लाभ अथवा संकीर्ण वोट-बैंक की राजनीति के अधीन करने के प्रयासों का कड़ा विरोध करने का निर्णय लिया है। भाजपा जनता के समक्ष उन सभी ऐतिहासिक परिस्थितियों और मुस्लिम लीग की आपत्तियों को भी उजागर करेगी, जिनके कारण अतीत में इसके पूर्ण गायन को सीमित करने के प्रयास किए गए थे। [embedpress]https://x.com/NitinNabin/status/2091068348159389757?s=20[/embedpress] देशव्यापी जागरूकता अभियान और राष्ट्र जागरण भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के गौरव, गरिमा और इसके संपूर्ण स्वरूप को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए एक व्यापक देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत महात्मा गांधी के उस ऐतिहासिक विचार को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, जिसमें उन्होंने 'वंदे मातरम्' को साम्राज्यवाद-विरोधी नारा और शुद्धतम राष्ट्रीय भावना का प्रतीक करार दिया था। इसके साथ ही, युवा पीढ़ी को इस राष्ट्रीय गीत के इतिहास, इसके अर्थ और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों से अवगत कराने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि यह अमूल्य विरासत विस्मृति में न खो जाए। पार्टी का स्पष्ट मानना है कि जिस प्रकार वर्ष 1947 में भारत की स्वतंत्रता का जयघोष 'वंदे मातरम्' था, उसी प्रकार वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय महालक्ष्य का महाघोष भी 'वंदे मातरम्' ही होगा। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Delhi: 60 लाख के पैकेज वाले IT इंजीनियर विनय की ससुराल वालों ने पीट-पीटकर की हत्या; CCTV फुटेज में कैद हुआ मंज़र ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]