यूनिक समय, नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की संदिग्ध मौत के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने का निर्देश दिया है। जस्टिस एसवी कोतवाल और आरआर भोसले की पीठ ने दिशा के पिता सतीश सालियान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को इस जांच की जिम्मेदारी सौंपी जाए। हाईकोर्ट ने जांच पर उठाए गंभीर सवाल सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच प्रक्रिया पर कई कड़े सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयानों, पंचनामा और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर संदेह जताते हुए जांच की खामियों को उजागर किया है। अदालत ने विशेष रूप से इस बात पर नाराजगी जताई कि नियमों के तहत पोस्टमॉर्टम दो डॉक्टरों की टीम द्वारा होना चाहिए था, जबकि दिशा का पोस्टमॉर्टम केवल एक डॉक्टर द्वारा किया गया, जिसमें सिर, हाथ, पैर और छाती पर गंभीर चोटों का जिक्र था। इसके अलावा, परिवार द्वारा लगातार संदेह जताए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज न करके केवल एडीआर (ADR) के तहत लंबी जांच खींचने पर भी अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल एफआईआर में नाम होने से कोई व्यक्ति आरोपी नहीं बन जाता और यदि सीबीआई जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिलता है, तो एजेंसी को समरी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। "6 साल से इसका इंतजार कर रहा था" — सतीश सालियान हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान भावुक हो गए। उन्होंने अपनी बेटी की मौत को गैंगरेप और हत्या करार देते हुए मामले को दबाने का आरोप लगाया था। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वे पिछले 6 वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने भावुक होकर कहा, "मैंने अपनी बेटी को खोया है, आज मुझे थोड़ी राहत महसूस हो रही है और मैं अदालत के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूँ।" याचिकाकर्ता के वकील निलेश ओझा के अनुसार, यदि सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट नकारात्मक आती है, तो परिवार के पास इसके खिलाफ प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का कानूनी अधिकार सुरक्षित रहेगा। मामले का बैकग्राउंड और राजनीतिक बयानबाजी दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड स्थित एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी, जिसके ठीक छह दिन बाद 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत भी अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में मृत पाए गए थे। इस मामले में मुंबई पुलिस ने शुरुआत में 2020 में इसे आत्महत्या मानकर केस बंद कर दिया था, और 2023 में एसआईटी (SIT) का गठन होने के बावजूद पुलिस अदालत में दाखिल अपने हलफनामे में इसे आत्महत्या ही बताती रही। वहीं, इस घटना को लेकर शुरुआत से ही जमकर राजनीति देखने को मिली, जहां भाजपा नेता नितेश राणे और नारायण राणे ने तत्कालीन ठाकरे सरकार पर मामले को दबाने तथा महाविकास अघाड़ी के नेताओं को बचाने का गंभीर आरोप लगाते हुए लगातार सीबीआई जांच की मांग की थी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: Mathura: गोवर्धन पहुंचे भाजपा सांसद अरुण सिंह; श्री गिर्राज महाराज की सप्तकोसीय परिक्रमा कर मानसी गंगा में किया आचमन ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]