यूनिक समय, नई दिल्ली। असम के जोरहाट जिले से शनिवारको सैन्य जगत को झकझोर देने वाली एक बेहद दुखद और बड़ी ख़बर सामने आई है। यहाँ भारतीय वायुसेना (IAF) का एक AN-32 परिवहन (मालवाहक) विमान लैंडिंग के समय भयानक हादसे का शिकार होकर क्रैश हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में भारतीय वायुसेना के पांच जांबाज जवान ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए। विमान में सैन्य साजो-सामान लदा हुआ था और यह अरुणाचल प्रदेश से उड़ान भरकर जोरहाट आ रहा था। हादसे का एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि रनवे पर क्रैश होने के बाद विमान दो टुकड़ों में बंट गया और उसमें भीषण आग लग गई। शहीद हुए 5 वीर जवानों के नामों की घोषणा भारतीय वायुसेना ने बेहद भारी मन से इस हादसे में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अपने 5 जांबाज एयर वॉरियर्स के नामों की घोषणा की है। वायुसेना ने बताया कि दुख की इस घड़ी में पूरा सैन्य महकमा मजबूती से शहीद परिवारों के साथ खड़ा है। ड्यूटी के दौरान अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों के नाम इस प्रकार हैं: स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार सार्जेंट जितेंद्र शर्मा अग्निवीर खेमाराम कुमावत अग्निवीर दानिश आलम वायुसेना के अधिकारियों ने एक राहत भरी जानकारी देते हुए बताया कि इस भीषण हादसे में विमान के को-पायलट की जान सुरक्षित बच गई है। क्रैश साइट से उन्हें तुरंत रेस्क्यू कर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ वर्तमान में उनका इलाज चल रहा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जताया गहरा शोक इस भीषण सैन्य हादसे पर देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "असम के जोरहाट में AN-32 विमान हादसे में हमारे 5 वीर एयर वॉरियर्स के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। देश इन जांबाजों की सेवा और शहादत को हमेशा याद रखेगा। दुख की इस अत्यंत कठिन घड़ी में पूरा देश मजबूती से शहीद परिवारों के साथ खड़ा है।" इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन और वायुसेना के आला अधिकारियों ने भी शहीदों को नमन किया है। [embedpress]https://x.com/rajnathsingh/status/2065722106990756054[/embedpress] अरुणाचल से आ रहा था विमान यह भीषण हादसा तब हुआ जब वायुसेना की 43 स्क्वाड्रन का यह AN-32 एयरक्राफ्ट असम के ऊपरी इलाके में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जोरहाट के रोवरिया क्षेत्र स्थित वायुसेना स्टेशन पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। हादसे के तुरंत बाद वायुसेना की फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर मलबे में लगी आग को बुझाया। भारतीय वायुसेना ने इस गंभीर हादसे के असली कारणों का पता लगाने के लिए तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय जांच समिति (कोर्ट ऑफ इंक्वायरी) गठित करने का आदेश दे दिया है। AN-32 विमानों के ऑपरेशनल इतिहास पर फिर उठी चर्चा सोवियत (रूसी) मूल का AN-32 एक ट्विन-इंजन वाला टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है। यह विमान पिछले कई दशकों से भारतीय वायुसेना के लिए माल ढुलाई और रसद पहुँचाने का एक बेहद अहम जरिया रहा है, खासकर उत्तर-पूर्व (नॉर्थ-ईस्ट) के दुर्गम पहाड़ी इलाकों और हिमालयी सीमा के अत्यधिक ऊंचे क्षेत्रों में इसकी सेवाएं ली जाती रही हैं। हालांकि, जोरहाट में हुए इस ताजा और भीषण हादसे ने एक बार फिर इस विमान के ऑपरेशनल इतिहास और इसकी सुरक्षा को लेकर रक्षा विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज कर दी है। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: India News: DRDO की ऐतिहासिक सफलता; मिसाइल डिफेंस सिस्टम और ‘रुद्रम-II’ का सफल परीक्षण ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]