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Breaking News: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का 49 वर्ष की आयु में निधन; पीएम मोदी ने जताया शोक

by Tarun Bhardwaj • January 8, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सुपुत्र अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित माउंट सिनाई अस्पताल में उपचार के दौरान दिल का दौरा पड़ने से उन्होंने अंतिम सांस ली। अग्निवेश कुछ समय पहले एक स्कीइंग हादसे में घायल हो गए थे और अस्पताल में उनकी स्थिति में सुधार हो रहा था, लेकिन अचानक हुए कार्डियक अरेस्ट ने उन्हें परिजनों से छीन लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अनिल अग्रवाल की भावुक पोस्ट का उत्तर देते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, “अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन अत्यंत चौंकाने वाला और दुखदायी है। इस हृदयस्पर्शी श्रद्धांजलि में आपके गहन शोक की गहराई स्पष्ट झलक रही है। प्रार्थना है कि आप और आपका परिवार निरंतर शक्ति एवं साहस प्राप्त करें। ओम शांति।”

पटना से कॉर्पोरेट जगत के शिखर तक का सफर

अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। अनिल अग्रवाल ने उन्हें याद करते हुए बताया कि वह बचपन से ही बेहद चंचल और शरारती थे। अजमेर के मायो कॉलेज से शिक्षा प्राप्त करने वाले अग्निवेश न केवल एक सफल उद्यमी थे, बल्कि वे बॉक्सिंग चैंपियन, घुड़सवारी के शौकीन और एक बेहतरीन संगीतकार भी थे। उन्होंने ‘फूजैरा गोल्ड’ जैसी कंपनी की नींव रखी और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इतनी सफलता के बावजूद वे हमेशा जमीन से जुड़े रहे और अपने सहयोगियों के बीच बेहद सरल स्वभाव के लिए जाने जाते थे।

बेटे की याद में पिता का महान संकल्प

बेटे को खोने के गम में डूबे अनिल अग्रवाल ने एक अत्यंत प्रेरक घोषणा की है। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा कि एक पिता के कंधे पर जवान बेटे की अर्थी का जाना दुनिया का सबसे बड़ा दुख है। उन्होंने साझा किया कि उन्होंने अग्निवेश से वादा किया था कि वे अपनी संपत्ति का 75 प्रतिशत से अधिक हिस्सा समाज सेवा में लगाएंगे। आज इस दुख की घड़ी में उन्होंने फिर से उस वादे को दोहराया है। उन्होंने कहा कि वे अब और भी सादगी से जीवन बिताएंगे और अपना शेष जीवन भारत को आत्मनिर्भर बनाने, कुपोषण मिटाने और युवाओं को रोजगार दिलाने के अग्निवेश के सपने को पूरा करने में लगा देंगे।

अग्रवाल ने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि भले ही उनका बेटा चला गया है, लेकिन वेदांता परिवार में काम करने वाला हर कर्मचारी उनके लिए अग्निवेश की तरह ही है। उन्होंने उन सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त किया जो इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़े रहे।

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