Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Business News: घरेलू कीमतों को थामने के लिए सरकार का बड़ा कदम; चीनी निर्यात पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध

by Tarun Bhardwaj • May 14, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत सरकार ने देश में चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब बढ़ती खाद्य कीमतें आम परिवारों के लिए एक संवेदनशील आर्थिक और राजनीतिक मुद्दा बन गई हैं।

निर्यात नीति में बदलाव और समय सीमा

भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम आदेशों के अनुसार, चीनी के निर्यात पर लगाई गई यह रोक 30 सितंबर, 2026 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रूप से जारी रहेगी। इस नीतिगत बदलाव के तहत यह प्रतिबंध कच्चे (Raw) और रिफाइंड, दोनों ही प्रकार की चीनी पर समान रूप से लागू किया गया है।

हालांकि, सरकार ने उन शिपमेंट को राहत प्रदान की है जिनकी लोडिंग अधिसूचना जारी होने से पहले ही शुरू हो चुकी थी, जो जहाज पहले ही बंदरगाह पर पहुँच चुके थे, या जिनका स्टॉक सीमा शुल्क विभाग के सुपुर्द किया जा चुका था। पूर्व में सरकार ने 1.59 मिलियन टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी, लेकिन प्रमुख उत्पादक राज्यों में गन्ने की पैदावार घटने के कारण अब उत्पादन की तुलना में खपत अधिक रहने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।

वैश्विक बाजार पर पड़ेगा गहरा असर

चूंकि भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश है, इसलिए सरकार के इस फैसले का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़ना निश्चित है। भारतीय सप्लाई रुकने के कारण अब एशिया और अफ्रीका के देशों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से ब्राजील और थाईलैंड जैसे देशों की ओर रुख करना पड़ेगा। इसके परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चीनी की वायदा कीमतों में भारी तेजी आने की संभावना है, जो पहले से ही मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और बढ़ती ऊर्जा लागत की वजह से दबाव का सामना कर रहे हैं।

आर्थिक स्थिति और सरकार के अन्य कड़े कदम

अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने के लिए सरकार ने चीनी के अतिरिक्त कई अन्य कड़े वित्तीय कदम उठाए हैं, जिसके अंतर्गत विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया गया है।

वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव काफी बढ़ गया है क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया 95.75 के अपने अब तक के सबसे निचले रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। इसी गंभीर आर्थिक स्थिति और देश की बाहरी वित्तीय स्थिति को संतुलित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से यह विशेष अपील की है कि वे अगले एक साल तक सोना न खरीदें।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Mathura News: नागरिक और श्रद्धालुओं का सारथी बनेगा ‘मेरो मथुरा’ ऐप; सांसद हेमामालिनी ने किया शुभारंभ

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Delhi Fire Case: साकेत कोर्ट ने होटल मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा हैदराबाद के अमीरपेट में ‘हेलमेट बाजार’ में भीषण अग्निकांड पहले से ज्यादा बोल्ड हुआ फ्रंट डिजाइन और एक्सटीरियर लुक के साथ Toyota Innova Crysta लॉन्च विनेश फोगाट विवाद में WFI को सुप्रीम कोर्ट से झटका केरल में मानसून की धमाकेदार दस्तक, दिग्गज फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC चीफ पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन कोसीकलां में 7 साल की बच्ची के साथ 30 साल के युवक ने की दरिंदगी मुजफ्फरपुर में प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत