यूनिक समय, मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण के अनन्य प्रेम और ब्रज संस्कृति के मनमोहक रंग बुधवार को गीता शोध संस्थान में कैनवास पर जीवंत हो उठे। तीन दिवसीय 'श्रीकृष्ण राष्ट्रीय कला कार्यशाला' के समापन अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों से जुटे 20 दिग्गज चित्रकारों ने अपनी विशिष्ट कला शैलियों में ब्रज के आध्यात्मिक वैभव को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया। सांसद हेमा मालिनी ने प्रत्येक चित्रकार की कलाकृति को सराहा समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचीं मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने प्रत्येक चित्रकार के पास जाकर उनकी कलाकृतियों का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। उन्होंने कलाकारों से चित्रों के पीछे छिपी उनकी कल्पना, भाव और पौराणिक कथाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। कैनवास पर उकेरी गई माखन चोरी, बांसुरी वादन, गौ-प्रेम और गिरिराज धारण जैसी लीलाओं को देखकर सांसद अत्यंत अभिभूत नजर आईं। उन्होंने कहा कि महज दो-तीन दिनों के भीतर कलाकारों ने जिस गहराई से श्रीकृष्ण के भावों को रंगों में पिरोया है, वह अद्भुत और प्रशंसनीय है। "तीन नहीं, पांच दिन का हो चित्रांकन शिविर" सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि ब्रजभूमि भगवान श्रीकृष्ण की अनगिनत लीलाओं की साक्षी रही है और ऐसी दिव्य धरोहर को कला के माध्यम से सहेजना बेहद जरूरी है। उन्होंने मंच पर मौजूद ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अधिकारियों से आग्रह किया कि भविष्य में इस प्रकार के चित्रांकन शिविर की अवधि तीन दिन से बढ़ाकर कम से कम पांच दिन की जानी चाहिए ताकि कलाकारों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का और अधिक समय मिल सके। पद्मश्री शांति देवी समेत कई विख्यात कलाकारों ने बिखेरे रंग कार्यशाला के दौरान देश भर से आए प्रतिष्ठित चित्रकारों ने अपनी-अपनी क्षेत्रीय और पारंपरिक शैलियों का बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसमें पद्मश्री शांति देवी ने मधुबनी शैली में वासुदेव जी द्वारा बालकृष्ण को उफनती यमुना पार ले जाने का मनमोहक दृश्य चित्रित किया। वहीं अलका दास ने मिथिला कला शैली में राधा-कृष्ण के प्रेम भाव को उकेरा। इसके अलावा जयेश त्रिवेदी ने श्रीकृष्ण के अप्रतिम 'गौ-प्रेम' को अपनी तूलिका से जीवंत किया और डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बंसी बजाते हुए नटनागर श्रीकृष्ण की मनभावन छवि निर्मित की। कार्यक्रम के अंत में ब्रज तीर्थ विकास परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) लक्ष्मी नागप्पन ने सभी नवागंतुक कलाकारों का आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन चंद्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: छाता शुगर मिल विवाद: किसानों और पूर्व सैनिकों को पुलिस का नोटिस; धारा 163 के तहत धरना खत्म करने के दिए निर्देश ताजा खबरों के साथ अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp Channel को जरूर सब्सक्राइब करें। [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]