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सीएम योगी ने पेश किया कृषि विकास का रोडमैप, बोले– किसान बने सशक्त

by Arpita Singh • July 22, 2025
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यूनिक समय, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज, मंगलवार को लखनऊ में आयोजित “उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद” (UPCAR) के 36वें स्थापना दिवस समारोह में कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित करते हुए कहा कि राज्य में वर्तमान कृषि उत्पादन से तीन गुना अधिक उत्पादन की संभावना है।

इस अवसर पर आयोजित ‘विकसित कृषि – विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि न केवल प्रमुख रोजगार देने वाला क्षेत्र है, बल्कि यह समृद्धि का माध्यम भी बन सकता है, यदि अनुसंधान और तकनीक को धरातल पर उतारा जाए। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग तीन करोड़ किसान आज भी खेती पर निर्भर हैं, जबकि एमएसएमई सेक्टर ने भी 1.65 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दिया है।

योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश को प्रकृति और ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त है, क्योंकि यहां उपजाऊ भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और सिंचाई की बेहतर व्यवस्था है। प्रदेश का 86% से अधिक क्षेत्र सिंचित है, जो इसे देश में अनोखा बनाता है। यहां कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों का सशक्त नेटवर्क मौजूद है – राज्य सरकार के चार और एक निर्माणाधीन कृषि विश्वविद्यालय सहित कुल 15 से अधिक कृषि अनुसंधान संस्थान सक्रिय हैं, साथ ही 89 कृषि विज्ञान केंद्र किसानों को तकनीकी मदद पहुंचा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि अभी केवल 25-30% किसान ही वैज्ञानिक तरीकों और अनुसंधानों को अपनी खेती में अपनाते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना आवश्यक है, तभी कृषि क्षेत्र में वास्तविक प्रगति संभव होगी।

योगी ने कहा कि प्रदेश देश की 11% कृषि योग्य भूमि पर ही 20% से अधिक खाद्यान्न उत्पादन करता है, जो इस बात का संकेत है कि उचित योजना, प्रशिक्षण और अनुसंधान के जरिए तीन गुना तक उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, न्यूज़ लेटर व पुस्तिकाओं का विमोचन किया और एफपीओ, युवा वैज्ञानिकों व कृषि विशेषज्ञों को सम्मानित किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है, तो उत्तर प्रदेश को भी उसी अनुपात में विकास की योजनाएं बनानी होंगी।

सीएम ने कृषि से जुड़ी संस्थाओं को यह निर्देश दिए कि वे शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाएं तैयार करें, ताकि 2027, 2029 और 2035 जैसे लक्ष्यों की प्राप्ति भी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने किसानों को नई किस्मों के बीज, समय पर जानकारी और डेमोंस्ट्रेशन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

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