Fri, Jun 5th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

CPI Inflation: अप्रैल में 3.48% पर पहुंची खुदरा महंगाई, टमाटर और पर्सनल केयर उत्पादों ने बिगाड़ा आम आदमी का बजट

by Tarun Bhardwaj • May 12, 2026
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। भारत में आम जनता को महंगाई के मोर्चे पर हल्का झटका लगा है। सरकार द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल महीने में खुदरा महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो मार्च के 3.4% से बढ़कर अब 3.48% पर पहुंच गई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह अभी भी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के निर्धारित लक्ष्य से काफी नीचे बनी हुई है।

रसोई पर मार

अर्थव्यवस्था के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों की कीमतों में आए उछाल ने आम आदमी की रसोई के बजट को काफी प्रभावित किया है। आंकड़ों के अनुसार, खाद्य महंगाई दर मार्च के 3.87 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल में 4.20 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जिसमें विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई शहरी क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ी है।

सब्जियों के बाजार में टमाटर की कीमतों में सालाना आधार पर 35.28 प्रतिशत का भारी उछाल देखा गया है, हालांकि दूसरी ओर आलू और प्याज की कीमतों में क्रमशः 23.69 प्रतिशत और 17.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो उपभोक्ताओं के लिए कुछ राहत लेकर आई है।

पर्सनल केयर उत्पाद हुए महंगे

महंगाई के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि इसका असर केवल खाद्य पदार्थों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि पर्सनल केयर और अन्य विविध वस्तुओं की श्रेणी में 17.66 प्रतिशत की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। इसके विपरीत, ईंधन की कीमतों में आई नरमी के कारण ट्रांसपोर्ट महंगाई दर -0.01 प्रतिशत पर लगभग सपाट बनी रही, जिसके परिणामस्वरूप यात्रा और माल ढुलाई की लागत में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई है।

RBI का लक्ष्य और भविष्य की चुनौतियां

आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही महंगाई दर में मामूली वृद्धि हुई है, लेकिन वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नजर आ रही है। भारत सरकार ने आगामी पांच वर्षों (2026 से 2031) के लिए खुदरा महंगाई का लक्ष्य 4 प्रतिशत (2% से 6% के दायरे में) पर बरकरार रखा है, जो नीतिगत स्थिरता को दर्शाता है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि जानकारों ने अप्रैल में महंगाई के 3.8 प्रतिशत तक जाने का अनुमान लगाया था, जिसकी तुलना में 3.48 प्रतिशत का वास्तविक आंकड़ा उम्मीद से कहीं बेहतर है। हालांकि, भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ऊर्जा और खाद्य लागत में बढ़ोतरी का जोखिम बना हुआ है, जिस पर भारतीय रिजर्व बैंक अपनी आगामी मौद्रिक नीति में पैनी नजर रखेगा।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

यह भी पढ़े: Cannes 2026: कान फिल्म फेस्टिवल में ‘डिज्नी प्रिंसेस’ बनीं आलिया भट्ट, सोशल मीडिया पर लुक वायरल

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Delhi Fire Case: साकेत कोर्ट ने होटल मालिक को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा हैदराबाद के अमीरपेट में ‘हेलमेट बाजार’ में भीषण अग्निकांड पहले से ज्यादा बोल्ड हुआ फ्रंट डिजाइन और एक्सटीरियर लुक के साथ Toyota Innova Crysta लॉन्च विनेश फोगाट विवाद में WFI को सुप्रीम कोर्ट से झटका केरल में मानसून की धमाकेदार दस्तक, दिग्गज फिल्म निर्माता और पूर्व CBFC चीफ पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन कोसीकलां में 7 साल की बच्ची के साथ 30 साल के युवक ने की दरिंदगी मुजफ्फरपुर में प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत