यूनिक समय, नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में लगातार पैर पसारते जानलेवा वायु प्रदूषण (Air Pollution) से जंग जीतने के लिए दिल्ली सरकार और वैज्ञानिकों ने एक बेहद क्रांतिकारी और अनोखा कदम उठाया है। दिल्ली के कीर्तिनगर औद्योगिक और रिहायशी इलाके में स्थानीय प्रदूषण को काबू में करने के लिए पहली बार अत्याधुनिक 'पोल माउंटेड डस्ट कैचर' (Pole Mounted Dust Catcher) मशीनें स्थापित की गई हैं। प्रदूषित हवा को साफ करने की दिशा में दिल्ली में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया जा रहा है। फिलहाल शुरुआती प्रयोग के रूप में क्षेत्र में ऐसी 21 मशीनें लगाई गई हैं, जिन्हें सड़कों के किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के पोल (खंभों) पर माउंट किया गया है ताकि ये बिना किसी अतिरिक्त जमीन या जगह घेरे सीधे प्रदूषण पर वार कर सकें। बिना फिल्टर के धूल और धुआं दोनों करेगी साफ इस तकनीक की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पूरी तरह से 'फिल्टर-लेस' (Filter-less Machine) है, यानी इसमें पारंपरिक एयर प्यूरीफायर की तरह बार-बार महंगे फिल्टर बदलने की झंझट नहीं होगी। यह मशीन एक जबरदस्त मैकेनिज्म पर काम करती है, जो हवा में मौजूद खतरनाक धूल के कणों (PM 2.5 और PM 10) के साथ-साथ जहरीले धुएं को भी सोखने में पूरी तरह सक्षम है। कार्यप्रणाली की बात करें तो इस मशीन के एक तरफ 'इनलेट' (Inlet) दिया गया है, जो आसपास की अत्यधिक प्रदूषित और जहरीली हवा को तेजी से अपने अंदर खींचता है। इसके बाद मशीन के भीतर बिना फिल्टर वाली विशेष वैज्ञानिक तकनीक से हवा को पूरी तरह रिसाइकिल और शुद्ध किया जाता है। साफ होने के बाद इस हवा को दूसरी तरफ बने 'आउटलेट' (Outlet) के जरिए वायुमंडल में वापस छोड़ दिया जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इसकी क्षमता इतनी बेहतरीन है कि महज 1 घंटे के भीतर यह अकेली मशीन करीब 3 लाख लीटर प्रदूषित हवा को पूरी तरह शुद्ध कर सकती है। बॉक्स भरते ही कंट्रोल सेंटर जाएगा अलर्ट सड़कों पर उड़ने वाले धूल-धुएं को केवल सोखना ही इस मशीन का काम नहीं है, बल्कि उसके सुरक्षित निपटान (Disposal) की भी इसमें अनूठी व्यवस्था की गई है। इस मशीन के निचले हिस्से में एक विशेष स्टोरेज बॉक्स अटैच किया गया है, जो हवा से खींचे गए सभी पोल्यूटेन्ट्स (प्रदूषकों) को अपने भीतर जमा करता जाता है। जैसे ही इस बॉक्स में 2.5 किलोग्राम प्रदूषण का कचरा इकट्ठा हो जाता है, मशीन में लगा स्मार्ट सेंसर तुरंत मुख्य 'कंट्रोल सेंटर' (Control Center) को एक डिजिटल संदेश (Alert) भेज देता है। अलर्ट मिलते ही ग्राउंड टीम मौके पर पहुंचकर भरे हुए बॉक्स को निकालकर वहां खाली बॉक्स लगा देती है, और मशीन बिना रुके दोबारा काम करना शुरू कर देती है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस बॉक्स से निकले प्रदूषण के कारकों (धूल और कार्बन) को फेंकने के बजाय फैक्ट्रियों में ले जाकर भारी दबाव के साथ कम्प्रेस (Compress) करके मजबूत ईंटें बना ली जाएंगी, जिसका उपयोग निर्माण कार्यों में हो सकेगा। IIT दिल्ली की खोज इस बेहद खास और इनोवेटिव मशीन का चयन IIT दिल्ली द्वारा आयोजित एक 'इन्नोवेशन चैलेंज' (Innovation Challenge) के जरिए किया गया था, जो देश में ही विकसित स्वदेशी तकनीक का एक बड़ा उदाहरण है। फिलहाल ये 21 मशीनें बिजली के कनेक्शन से चलाई जा रही हैं, लेकिन पर्यावरण को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए वैज्ञानिकों की योजना है कि जल्द ही इन मशीनों के ऊपर सोलर प्लेट (Solar Plates) लगा दी जाएं, जिससे ये पूरी तरह सौर ऊर्जा (Green Energy) से संचालित हो सकें और बिजली की भी बचत हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया निरीक्षण दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वयं कीर्तिनगर पहुंचकर इन पोल माउंटेड डस्ट कैचर मशीनों की कार्यप्रणाली की जमीनी स्तर पर जांच की और वैज्ञानिकों व अधिकारियों से इसके मानकों पर चर्चा की। सरकार का मानना है कि इस मशीन के जरिए हॉटस्पॉट वाले इलाकों में स्थानीय प्रदूषण (Local Pollution) को बेहद आसानी और कम लागत में नियंत्रित किया जा सकता है। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि कीर्तिनगर में चल रहा यह ट्रायल यदि पूरी तरह सफल रहता है और मशीनें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों पर खरी उतरती हैं, तो बहुत जल्द राजधानी के सभी प्रमुख और अत्यधिक प्रदूषित इलाकों में इन मशीनों को बड़े पैमाने पर इंस्टॉल किया जाएगा, जिससे दिल्लीवासियों को आने वाले समय में स्मॉग और प्रदूषण से बड़ी राहत मिल सकेगी। नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह भी पढ़े: LSG vs PBKS मैच से पहले आकाश चोपड़ा का बड़ा बयान; ऋषभ पंत को बताया IPL के इतिहास का दूसरा सबसे खराब कप्तान [web_stories title="true" excerpt="false" author="false" date="false" archive_link="true" archive_link_label="" circle_size="150" sharp_corners="false" image_alignment="left" number_of_columns="1" number_of_stories="8" order="DESC" orderby="post_date" view="carousel" /]