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Delhi News: जल बोर्ड की लापरवाही ने ली बैंक मैनेजर की जान, नोएडा जैसी घटना से दहला जनकपुरी

by Tarun Bhardwaj • February 6, 2026
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यूनिक समय, नई दिल्ली। नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि देश की राजधानी दिल्ली से एक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए एक खुले गड्ढे में गिरने से HDFC बैंक के असिस्टेंट मैनेजर, कमल की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सरकारी विभागों की घोर लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

दफ्तर से लौटते समय हुआ हादसा

कैलाशपुरी के रहने वाले कमल रोहिणी स्थित अपने दफ्तर से देर रात अपाचे बाइक से घर लौट रहे थे। परिवार से उनकी लगातार बात हो रही थी, लेकिन जब वे काफी देर तक घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। पूरी रात ढूंढने के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस के फोन ने परिवार की उम्मीदें तोड़ दीं। कमल अपनी बाइक समेत जल बोर्ड के खुले गड्ढे में मृत पाए गए।

परिजनों का आरोप

मृतक के परिजनों का आरोप है कि जब वे रात को पुलिस थाने पहुंचे, तो उन्हें उचित सहयोग नहीं मिला। कमल के जुड़वां भाई ने बताया कि कमल उस रास्ते से अच्छी तरह वाकिफ थे। ऐसे में उन्होंने इस घटना के पीछे किसी साजिश का शक भी जाहिर किया है। परिजन अब इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार विभागों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

जल बोर्ड की प्रतिक्रिया

यह हादसा कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के विधानसभा क्षेत्र में हुआ है, जिसके बाद दिल्ली की राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नोएडा की घटना से प्रशासन ने कुछ नहीं सीखा और सिर्फ झूठ का सहारा लिया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए एक उच्चस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है। बोर्ड ने आश्वासन दिया है कि लापरवाही पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और नागरिकों से असुरक्षित साइट्स की जानकारी टोल-फ्री नंबर 1916 पर देने की अपील की है।

नोएडा की युवराज मेहता घटना

गौरतलब है कि इसी साल 16-17 जनवरी को नोएडा के सेक्टर 150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार एक कंस्ट्रक्शन साइट के पानी भरे गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। जनकपुरी की यह घटना बताती है कि निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी मासूमों की जान ले रही है।

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