Thu, Jun 25th, 2026
Advertisement
Ad
Advertisement
Ad

Delhi: सोनिया गांधी को राऊज़ एवेन्यू कोर्ट का नोटिस; “नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम” मामले में दाखिल हुई याचिका

by Tarun Bhardwaj • December 9, 2025
सोनिया गांधी को राऊज़ एवेन्यू कोर्ट का नोटिस

Delhi: सोनिया गांधी को राऊज़ एवेन्यू कोर्ट का नोटिस; “नागरिकता से पहले वोटर लिस्ट में नाम” मामले में दाखिल हुई याचिका

इस खबर को सुनें • हिंदी

00:00
00:00
Advertisement
Ad

यूनिक समय, नई दिल्ली। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के कथित आरोपों से जुड़ी एक रिवीजन पिटीशन पर उन्हें और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।

याचिकाकर्ता के तर्क और कोर्ट का निर्देश

यह रिवीजन पिटीशन वकील विकास त्रिपाठी द्वारा दायर की गई है, जिन्होंने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया गया था। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट पवन नारंग ने कोर्ट में तर्क दिया कि रिकॉर्ड में रखे गए दस्तावेज़ों से पता चलता है कि सोनिया गांधी के भारतीय नागरिक बनने से पहले वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल करने के तरीके में गंभीर अनियमितताएं थीं, इसलिए इस मामले पर दोबारा विचार करने की ज़रूरत है।

सेशंस जज विशाल गोगने ने दलीलें सुनने के बाद सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया और राज्य की ओर से अभियोजक ने नोटिस स्वीकार किया। राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि रिवीजन में उठाए गए मुद्दों के पूरे मूल्यांकन के लिए ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड (TCR) को तुरंत मंगाया जाए।

क्या है पूरा मामला?

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल था, जबकि उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी।याचिका में मुख्य रूप से यह सवाल उठाया गया है कि नागरिक न होते हुए भी 1980 में उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे शामिल हुआ, और 1983 में नागरिकता मिलने से तीन साल पहले वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए कौन से दस्तावेज़ों का इस्तेमाल किया गया था। याचिकाकर्ता ने इसमें जालसाजी या गलत दस्तावेज़ों के इस्तेमाल की आशंका जताई है।

मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सितंबर 2025 में इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद अब सेशंस कोर्ट में यह रिवीजन पिटीशन दायर की गई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को भी नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 6 जनवरी को निर्धारित की गई है।

नोट: यूनिक समय को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

ये भी पढ़ें: IPL Auction 2026: मिनी ऑक्शन से पहले BCCI का बड़ा फैसला; 75 फीसदी की खिलाड़ियों की हुई कटौती

Advertisement
Ad

Leave a Reply

Your email address will not be published.